व्यूज़- विचार
लेख-स्तंभ
ममता को कितने मोर्चे पर लड़ना है?
सचमुच भारतीय जनता पार्टी की विरोधी पार्टियों के लिए चुनाव लड़ना, चुनाव...
नेपाल का युवा मंत्रिमंडल मिसाल बना!
नेपाल का कैबिनेट भारत, चीन सभी से युवा, अधिक समावेशी और योग्यता-आधारित...
पुष्टिमार्ग के प्रणेता वल्लभाचार्य
वल्लभाचार्य का सबसे बड़ा धार्मिक कार्य पुष्टिमार्ग की स्थापना है। “पोषणं तदनुग्रहः”...
हम इंसानों का जवाब नहीं!
पता नहीं ब्रह्माण्ड में मनुष्य (होमो सेपियन) जैसा कोई जीव है भी...
मतदान के अधिकार से वंचितों का क्या होगा?
सर्वोच्च न्यायालय में 13 अप्रैल को सुनवाई होनी है, जहां इन मतदाताओं...
अमेरिकाः पीछे नाकामियां हैं, और आगे बीहड़
ईरान पश्चिम एशिया में शक्ति संतुलन का केंद्र बनेगा।...इस युद्ध पहले तक...
विज्ञान के पार की संवेदना है ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’
यहां फ़िल्म किसी आदर्श नायक की छवि नहीं गढ़ती, बल्कि एक साधारण...
तो पाकिस्तान भी विश्व नेता!
यों, दक्षिण एशियाई मनुष्य एक सा डीएनए लिए हुए है। इसलिए कोई...
हरिशंकर व्यास लेख
हम इंसानों का जवाब नहीं!
पता नहीं ब्रह्माण्ड में मनुष्य (होमो सेपियन) जैसा कोई जीव है भी...
तो पाकिस्तान भी विश्व नेता!
यों, दक्षिण एशियाई मनुष्य एक सा डीएनए लिए हुए है। इसलिए कोई...
बेशर्मी-झूठ में ट्रंप, मोदी भाई-भाई!
अमेरिका आज मजाक है! राष्ट्रपति ट्रंप लंगूर के हाथ में उस्तरे जैसी...
जंग का असर साफ दिख रहा है
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की जंग थम गई है और...
छोटी सी जरूरत कितनी भारी
भारत में पश्चिम एशिया की जंग का कैसा असर हुआ है यह...
वोटिंग बढ़ने का क्या संकेत?
चुनाव आयोग ने जब से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी...
बंगाल में सबकी पोल खुली
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर असमंजस के बादल छंट गए...
भारत होर्मुज की चौकीदारी क्यों नहीं संभालता?
पता है भारत के जनजीवन, उसकी अर्थिकी की नाड़ी क्या है? करीब...
श्रुति व्यास
नोटबंदी, कोविड के बाद फिर कतार का समय!
भारत में फिर संकट की स्थिति है। यह वाक्य असाधारण नहीं है।...
खाडी में तीसरा सप्ताह ज्यादा सहमा हुआ!
अमेरिका–इज़राइल–ईरान युद्ध का तीसरा सप्ताह अब शुरू है और स्थिति गंभीर है।...
ईरान में व्यवस्था बची, सत्ता भी बदली!
ईरान को नया सर्वोच्च नेता मिल गया है। हाल ही में मारे...
तो “दुबई मॉडल” भू-राजनीति की लपटों में!
“दुबईकरण” (“Dubaization”) शब्द जितना आकर्षक है, उतना ही विरोधाभासी भी। शहरी अध्ययन...
अमेरिका की रहम और मौन
भारत को आज अमेरिका से असामान्य ‘अनुमति’ मिली! अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट...
कैसा भूमंडलीकरण, कैसी विश्व व्यवस्था?
साफ दिखलाई दे रहा है कि भूमंडलीकरण इतिहास की अनिवार्य धारा नहीं...
ईरान फंसा है! हमला ज़रूरी बुराई या जुआ?
यह सवाल सीधा नहीं है। दुनिया की राजधानियों में सार्वजनिक तौर पर...
हम पहुँचे या सिर्फ दिखे?
भारत इन दिनों खुद को ही मना रहा है। चौथे एआई शिखर...