व्यूज़- विचार
लेख-स्तंभ
किफायत तो छोड़िए, नाटक भी नहीं चलेगा
जब आप इस पूरे खेल को गौर से देखेंगे तभी समझ आएगा...
पेपर लीक मामले में चीन से सीखें!
चीन की गाओकाओ परीक्षा में एक करोड़ तीस लाख छात्र बैठते हैं।...
21वीं सदी का पूंजीवाद है इलॉन मस्क!
सवाल है कौन इलॉन मस्क के पूंजीवाद से मुकाबला कर सकता है?...
विरह और वापसी का सिनेमाई राग: ‘मैं वापस आऊंगा’
इम्तियाज़ अली की यह फ़िल्म हमें याद दिलाती है कि सीमाएं देशों...
योग शिक्षकों के भविष्य पर सवाल
देश के कई विश्वविद्यालयों से योग में बीए, एमए और पीजी डिप्लोमा...
बंगाल के प्रभाव से बदलती देश की राजनीति
किसी भी पार्टी के लिए पूर्वी भारत का विजय अभियान तभी पूरा...
तो सरकार ने हाथ खड़े कर दिए हैं!
हकीकत यही है कि सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में मैनुफैक्चरिंग की हिस्सेदारी...
लापतागंज में लापता मानसून!
जून आधा बीत गया है लेकिन मानसून लापता है। बावजूद इसके सोशल...
हरिशंकर व्यास लेख
21वीं सदी का पूंजीवाद है इलॉन मस्क!
सवाल है कौन इलॉन मस्क के पूंजीवाद से मुकाबला कर सकता है?...
लापतागंज में लापता मानसून!
जून आधा बीत गया है लेकिन मानसून लापता है। बावजूद इसके सोशल...
ट्रंप का सर्टिफिकेट, अब बाजार बनना तय
सोचें, डोनाल्ड ट्रंप पर। अमेरिका का कैसा मजाक बना डाला है। चाहे...
ट्रंप के मजाक की गंभीर व्याख्या
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के एवियन शहर में जी...
डीजल, खाद, बीज भी लापता
मानसून लापता है। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव वाला क्षेत्र नहीं...
शहर आबाद नहीं हुए, गांव लापता हो गए
देश में सबसे कम शहरीकरण वाला राज्य हिमाचल प्रदेश है और उसके...
शिक्षा, परीक्षा दोनों लापता
भारत की शिक्षा प्रणाली और परीक्षा की व्यवस्था को लेकर इन दिनों...
कुछ करना नहीं, कुछ बचा भी नहीं!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कितना काम कर दिया! पिछले एक हफ्ते से...
श्रुति व्यास
रूस–यूक्रेन युद्ध 1,566 दिनों पार, दुनिया युद्ध खत्म कराना भूल गई!
यूक्रेन का युद्ध अब पहले महायु्द्ध से लंबा हो चुका है। यह...
देश जिसे विरोध करना भुला दिया गया
छह जून की सुबह जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी की एक मामूली-सी...
बारह साल का मेकअप, पर नया क्या?
भारत बदल गया है। कम से कम पिछले बारह वर्षों से यही...
केकड़े लड़ रहे हैं, पानी सूख रहा है हर कोई दोषी है, कोई दोषी नहीं।
भारत मानो एक अघोषित गृहयुद्ध में है। केकड़ों वाली पुरानी कहावत अब...
मैं दिल्ली, हर चीज़ से पहले यहाँ थी!
मुझे हमेशा मेरे लोगों ने बनाया। वे लोग जो बाहर से आए,...
कॉकरोच क्षण: हँसी का आईना
कॉकरोच अब राष्ट्रीय बहस है। किसने सोचा था कि एक बात भारत...
हक्सले, ऑरवेल और भारत 2026
सन् 1985 में नील पोस्टमैन ने “हँसते-हँसते विनाश की ओर” (Amusing Ourselves...
दुनिया का नया दरबार: बीजिंग
इस मई बीजिंग में दिलचस्प दृश्य, नजारा है। डोनाल्ड ट्रंप का ‘ग्रेट...