दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। चुनाव हारने के बाद वे लगातार भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों के निशाने पर हैं। दिल्ली की भाजपा सरकार उनकी पोल खोल रही है। सरकार ने विधानसभा के पहले सत्र में सीएजी रिपोर्ट्स पेश की थी, जिनसे आप सरकार की गड़बड़ियों का पता चला था और अब बजट सत्र में भी यही काम किया जा रहा है।
इसके अलावा आप सरकार के 10 साल के कामकाज में से खोज कर कुछ चुनिंदा चीजें सामने लाई जा रही हैं। इनमें से एक खास चीज विज्ञापनों पर हुए खर्च का ब्योरा है। ध्यान रहे केजरीवाल की आप सरकार विज्ञापन देने को लेकर बहुत बदनाम हुई थी।
अदालत तक में यह मामला पहुंचा था और कोर्ट ने भी सरकार को फटकार लगाई थी कि उसके पास विकास के कामों के लिए पैसे नहीं हैं और विज्ञापनों पर सैकड़ों करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
दिल्ली की रेखा गुप्ता की सरकार ने कोराना वारियर्स को उनके निधन पर एक करोड़ रुपए देने की केजरीवाल की योजना की पोल खोली है। उन्होंने आंकड़ा पेश किया है कि सरकार ने सिर्फ 97 कोरोना वारियर्स के निधन पर उनके परिवार को एक एक करोड़ रुपए दिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या दिल्ली में सिर्फ 97 कोरोना वारियर्स का निधन हुआ था? इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि इस मद में सरकार ने 97 करोड़ रुपए उनके परिजनों को दिए लेकिन 17 करोड़ रुपया इसके विज्ञापन पर खर्च किया।
भाजपा का कहना है कि बिना विज्ञापन के भी सरकार इस योजना को चला सकती थी। दिल्ली सरकार ने केजरीवाल की शॉपिंग फेस्टिवल की योजना के बारे में भी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि शॉपिंग फेस्टिवल के आयोजन का प्रचार करने पर आठ करोड़ रुपया खर्च किया गया लेकिन यह आयोजन हुआ ही नहीं। सरकार ने कहा कि यह भी तय नहीं हुआ कि कहां फेस्टिवल होगा और इसकी रूप रेखा क्या होगी लेकिन आठ करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए।
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