लोकसभा वक्फ संशोधन बिल पर राहुल गांधी के नहीं बोलने का बड़ा मुद्दा बन रहा है और दूसरी ओर प्रियंका गांधी वाड्रा की गैरमौजूदगी का भी मुद्दा बन रहा है। वक्फ बिल पर लोकसभा में 12 घंटे तक चर्चा हुई थी। उससे ठीक पहले राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने यह मुद्दा उठाया था कि नेता प्रतिपक्ष को सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है। लेकिन विपक्ष को वक्फ बिल पर बोलने के लिए पांच घंटे से ज्यादा का समय मिला और राहुल गांधी नहीं बोले। कहा जा रहा है कि राहुल ने तय किया था कि कांग्रेस के जो सांसद वक्फ बिल पर बनी संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी के सदस्य़ थे वे ही बोलेंगे। लेकिन ऐसे नियम का कोई औचित्य समझ में नहीं आता है।
यह बहुत अहम मुद्दा था और राहुल गांधी इस पर बोल सकते थे। लेकिन कहा जा रहा है कि वे वक्फ बिल के खिलाफ बोलने से बचे क्योंकि कांग्रेस को डर था कि भाजपा इसके वीडियो को हमेशा के लिए कांग्रेस के खिलाफ इस्तेमाल करेगी और राहुल को मुस्लिमपरस्त दिखाएगी। इसलिए राहुल संसद में रहे और फिर आधी रात के बाद वोट डालने के लिए वापस संसद पहुंचे लेकिन इस पर बोले नहीं। ऐसे ही प्रियंका गांधी वाड्रा वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान संसद में नहीं रहीं। कहा गया कि वे किसी बीमार रिश्तेदार को देखने के लिए अमेरिका गई हैं। उनकी गैरहाजिरी का सबसे ज्यादा मुद्दा लेफ्ट पार्टियों ने बनाया है क्योंकि वे केरल की वायनाड से सांसद हैं। वायनाड मुस्लिम बहुल क्षेत्र है और केरल में अगले साल विधानसभा के चुनाव हैं। इसलिए सीपीएम ने प्रियंका पर मुस्लिम विरोधी होने का आरोप मढ़ दिया है।