समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महाराष्ट्र जाकर पांच सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा तो कर दी है लेकिन ऐसी खबर है कि कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियां यानी उद्धव ठाकरे और शरद पवार की पार्टी सपा के लिए ये सारी सीटें छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। अखिलेश यादव ने बड़ी होशियारी से महाराष्ट्र की पांच ऐसी सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए, जहां मुस्लिम आबादी बड़ी है और मराठा व दलित के साथ मिल कर जीतने का समीकरण बनता है। पांचों सीटों पर सपा ने मुस्लिम उम्मीदवार घोषित किए। इससे भी कांग्रेस नेता नाराज हैं।
कांग्रेस की नाराजगी इस वजह से भी है कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने उपचुनाव वाली नौ में से सात सीटों पर एकतरफा तरीके से उम्मीदवार की घोषणा कर दी। सोचें, जहां सपा मजबूत है वहां तो वह कांग्रेस से बात किए बगैर एकतरफा तरीके से उम्मीदवार घोषित कर ही रही है लेकिन जहां उसका वजूद दो चार सीटों पर सीमित है वहां भी वह एकतरफा तरीके से उम्मीदवार घोषित कर रही है। कांग्रेस की नाराजगी यह है कि उत्तर प्रदेश में सपा ने मुस्लिम और यादव समीकरण वाली जीतनी सीटें हैं उन पर अपना उम्मीदवार उतार दिया। कांग्रेस के लिए उसने अपनी ओर से गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की खैर सीट छोड़ी है। इन दोनों सीटों पर जीतने का चांस जीरो प्रतिशत है। यानी कांग्रेस किसी कीमत पर इन दो सीटों पर भाजपा को नहीं हरा सकती है। तभी कांग्रेस ने सपा के रवैए पर बहुत नाराजगी जताई है और यहां तक कहा जा सकता है कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश के उपचुनाव से दूरी बना सकती है। यानी सपा को कह सकती है कि गाजियाबाद और खैर सीट पर भी वही अपना उम्मीदवार लड़ा ले।