shashi tharoor : यह संयोग हो सकता है कि जब से शशि थरूर ने कांग्रेस के कामकाज पर सवाल उठाना शुरू किया है और भाजपा व सीपीएम की तारीफ शुरू की है तब से भाजपा और सीपीएम के नेता उनको ज्यादा टकरा रहे हैं और उनके साथ थरूर की फोटो ज्यादा वायरल हो रही है।
दोनों पार्टियों के नेता उनकी तारीफ भी कर रहे हैं। पिछले दिनों विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उनकी तारीफ की तो केरल के कम्युनिस्ट नेताओं ने भी की है, जिसमें मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन और अस्थायी तौर पर सीपीएम का काम देख रहे प्रकाश करात भी शामिल हैं।
दूसरी ओर कांग्रेस में उनको लेकर नाराजगी बढ़ रही है। थरूर ने खुद अपनी नाराजगी को हवा दी है। उन्होंने पिछले दिनों अपने एक करीबी राजनेता और पूर्व अधिकारी को बताया कि राहुल गांधी से उनकी जो मुलाकात हुई थो वह ढाई साल के इंतजार के बाद हुई थी। (shashi tharoor )
यानी वे ढाई साल से राहुल गांधी से अकेले मिलने का समय मांग रहे थे तब मुलाकात हुई। बहरहाल, कांग्रेस ने उनको केरल में मुख्यमंत्री का चेहरा बना कर चुनाव लड़ने की संभावना से इनकार कर दिया है।
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थरूर के लिए भाजपा में बड़ा मौका (shashi tharoor )
थरूर भले सबसे लोकप्रिय हों और कांग्रेस की जीत सुनिश्चित कर सकते हों लेकिन राहुल गांधी किसी हाल में केसी वेणुगोपाल से आगे नहीं सोच सकते हैं। लेकिन सवाल है कि क्या थरूर के लिए भाजपा में कोई बड़ा पद या बड़ा मौका है?
कम से कम केरल की राजनीति में तो नहीं है। भाजपा वहां प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्रन को हटा कर राजीव चंद्रशेखर को अध्यक्ष बना रही है। राजीव चंद्रशेखर बड़े कारोबारी हैं और पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं। वे भी केरल में थरूर की तरह लोकप्रिय हैं। (shashi tharoor )
पिछले लोकसभा चुनाव में चंद्रशेखर ने ही थरूर को चुनौती दी थी और ब़ड़े नजदीकी मुकाबले में हारे थे। भाजपा की टिकट से लड़े चंद्रशेखर से थरूर सिर्फ 16 हजार वोट से जीते थे।
थरूर को तीन लाख 58 हजार और चंद्रशेखर को तीन लाख 42 हजार वोट मिले थे। अगर भाजपा चंद्रशेखर को अध्यक्ष बना रही है तो इसका मतलब है कि केरल की राजनीति उनके हवाले होगी। (shashi tharoor )
हां, यह संभव है कि थरूर के लिए राष्ट्रीय राजनीति में कोई अवसर बने। बहरहाल, जो हो उन्होंने कांग्रेस में अपने दरवाजे लगभग बंद कर लिए हैं।