तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को राजकाज संभाले अभी एक साल हुए है और एक साल में ही उन्होंने ऐसी राजनीति की है, जिससे मुख्य विपक्षी पार्टी भारत राष्ट्र समिति में जान फूंक दी है। के चंद्रशेखर राव की पार्टी पिछले साल विधानसभा चुनाव हारने के बाद हाशिए में गई थी। हालांकि पार्टी ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया था और 39 सीटें जीती थीं। हालांकि बाद में पार्टी के 11 विधायक कांग्रेस में चले गए। इसके बावजूद वह एक ताकत बनी हुई थी। परंतु लोकसभा चुनाव में वह एक भी सीट नहीं जीत पाई और पूरी तरह से हाशिए में चली गई। पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव और उनके बेटे केटी रामाराव के साथ साथ पूरा परिवार अपने गेस्टहाउस तक सीमित हो गया था। Telangana politics
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लेकिन रेवंत रेड्डी की राजनीति से उनमें जान लौटी है। लोगों का उनके यहां पहुंचना शुरू हो गया है। लोग सरकार की शिकायत लेकर चंद्रशेखर राव के यहां जा रहे हैं। सबसे पहले हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड असेट प्रोटेक्शन एजेंसी यानी हाइड्रा की ओर से लोगों के घरों को अवैध बता कर तोड़ा गया। लोगों का कहना है कि अपने रिश्तेदारों और करीबियों के घरों को रेवंत रेड्डी ने छोड़ दिया, जिससे लोगों में नाराजगी है।
इस तरह के कुछ और फैसलों की चर्चा है लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा तेलुगू फिल्म स्टार अल्लू अर्जुन के खिलाफ कार्रवाई को लेकर है। उनके खिलाफ रेवंत ने सक्रिय होकर कार्रवाई इसलिए की क्योंकि इससे वे गरीबों के मसीहा बनने की सोच पाले हुए थे लेकिन उलटा हुआ है। सिनेमा हॉल के हादसे में मारी गई महिला के परिजनों को अल्लू अर्जुन की ओर से दो करोड़ रुपए दिए गए हैं। परिवार संतुष्ट है और अल्लू अर्जुन के समर्थकों का रूझान बीआरएस की ओर हो गया है।