भारतीय जनता पार्टी ने दिन के राष्ट्रीय अधिवेशन में एक अहम फैसला किया। यह फैसला पार्टी अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर है। इसके बारे में एक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसमें कहा गया है कि अब जरुरत पड़ने पर या विशेष परिस्थितियों में पार्टी का संसदीय बोर्ड अध्यक्ष की नियुक्ति कर सकता है या उसका कार्यकाल बढ़ा सकता है। सोचें, ऐसा करने की क्या जरुरत आन पड़ी? अब तक तो ऐसे ही अध्यक्षों के कार्यकाल बढ़ाए जा रहे थे। जेपी नड्डा का अध्यक्ष के तौर पर कार्यकाल जनवरी 2023 में ही समाप्त हो चुका है लेकिन तब से उसे बढ़ाया गया है। उनसे पहले अमित शाह का कार्यकाल भी बढ़ाया गया था। लेकिन तब उसके लिए ऐसे किसी प्रस्ताव की जरुरत नहीं पड़ी थी।
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असल में भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी की चिंता में भाजपा ने यह प्रस्ताव पास किया है। स्वामी ने आंतरिक चुनाव को लेकर पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को एक चिट्ठी लिखी है। उन्होंने बिना चुनाव के नड्डा का कार्यकाल बढ़ाए जाने को भी चुनौती दी है। उन्होंने एक महीने का समय दिया है नहीं तो अदालत में जाने की चतावनी दी है। ऐसा लग रहा है कि इस वजह से यह प्रस्ताव मंजूर किया गया है। हालांकि अभी यह पता नहीं है यह प्रस्ताव अभी से लागू होगा या पहले की तारीख से इसको माना जाएगा। उससे पता चलेगा कि स्वामी इस मामले में आगे क्या करने वाले हैं।