केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तमिलनाडु के दौरे पर गए तो उन्होंने चेन्नई में कहा कि पारंपरिक सेंगोल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में स्थापित किया है इसलिए राज्य के लोगों को मोदी का धन्यवाद करने के लिए राज्य की 25 सीटें भाजपा को जितानी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि देश का प्रधानमंत्री किसी तमिल को होना चाहिए। जाहिर है उनको पता है कि तमिल लोग अपनी भाषा और संस्कृति पर कितना गर्व करने वाले लोग हैं। उनको यह बात अच्छी लगी होगी कि मोदी ने सेंगोल को स्थापित किया है या तमिल प्रधानमंत्री की बात हो रही है। ध्यान रहे आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के नेता प्रधानमंत्री बन चुके हैं लेकिन तमिल नेता प्रधानमंत्री नहीं बन पाया है। इसलिए तमिल पीएम की बात से भी उनकी भावनाओं का तुष्टिकरण हुआ है।
उनके इस भाषण के बाद से ही यह चर्चा शुरू हो गई है कि अमित शाह तमिलनाडु से चुनाव लड़ सकते हैं। जिस तरह से नरेंद्र मोदी ने पहली बार 2014 में गुजरात और उत्तर प्रदेश दो राज्यों से चुनाव लड़ा था उसी तरह अमित शाह गुजरात और तमिलनाडु से चुनाव लड़ सकते हैं। यह बहुत दूर की कौड़ी है लेकिन चर्चा हो रही है। सबको पता है कि मोदी और शाह के आने के बाद उन इलाकों में भाजपा को लेकर जिज्ञासा है, जहां अभी तक भाजपा पहुंची नहीं है। सो, तमिलनाडु में कुछ सीटें हासिल करने की यह अच्छी रणनीति हो सकती है। बहरहाल, तमिलनाडु के अलावा अमित शाह के बिहार से भी चुनाव लड़ने की चर्चा हो रही है। लोकसभा का चुनाव नरेंद्र मोदी के नाम पर होगा लेकिन चर्चा अमित शाह की सबसे ज्यादा हो रही है।