सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई करके फैसला सुरक्षित रखा है। माना जा रहा है कि उनको जमानत मिल जाएगी। वैसे भी उनके जेल गए आठ महीने हो गए हैं। इसलिए जमानत मिलने की संभावना है। लेकिन आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह थोड़े दिन पहले ही गिरफ्तार हुए हैं। इसलिए उनके तत्काल जमानत पर रिहा होने की संभावना नहीं दिख रही है। तभी सवाल है कि सिसोदिया बाहर आ गए और संजय सिंह जेल में ही रहे तो दोनों की स्थितियों में क्या बदलाव आएगा? ध्यान रहे संजय सिंह की राज्यसभा का कार्यकाल जनवरी में खत्म हो जाएगा और दूसरी ओर सिसोदिया की जगह दिल्ली सरकार में आतिशी को 13 विभागों का मंत्री बना दिया गया है।
सो, बड़ा सवाल है कि क्या अगर जनवरी तक संजय सिंह को जमानत नहीं मिलती है तो अरविंद केजरीवाल जेल में रहते ही उनको फिर से राज्यसभा में भेज देंगे? ऐसा पहले संभवतः कभी नहीं हुआ है। जेल में रह कर लोग लोकसभा का चुनाव लड़े और जीते हैं लेकिन जेल में बंद किसी नेता को राज्यसभा दी गई हो इसकी मिसाल नहीं है। हालांकि केजरीवाल मिसाल बनाते रहते हैं लेकिन उनको भी एक बहाना मिल जाएगा। तभी इस बात की संभावना जताई जा रही है कि अगर सिसोदिया जेल से बाहर आ जाते हैं तो उनको संजय सिंह की जगह राज्यसभा भेज दिया जाए। फिर संजय सिंह के जेल से बाहर आने के बाद पार्टी उनके लिए कोई भूमिका देखेगी। बहरहाल, दिल्ली से आम आदमी पार्टी के तीनों राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल जनवरी में खत्म हो रहा है और इस बार केजरीवाल क्या दांव चलते हैं यह देखने वाली बात होगी।