कई विपक्षी पार्टियां चाहती हैं कि Parliament winter session सत्र सुचारू रूप से चले। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने खुल कर कहा है कि वह सत्र में हंगामे की बजाय इसे चलाने के पक्ष में है, जबकि दूसरी और कई पार्टियों ने खुल कर यह बात नहीं कही है। तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि सिर्फ अडानी का मसला नहीं है, बल्कि कई और मसले हैं, जो सीधे जनता से जुड़े हैं। उन मसलों पर तभी चर्चा होगी, जब संसद चलेगी। तृणमूल कांग्रेस ने छह मुद्दों का एक एजेंडा सेट तैयार किया है। पार्टी चाहती है कि संसद को एक मुद्दे का बंधक नहीं बनाया जाए।
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हालांकि कांग्रेस और उसमें भी उसके नेता राहुल गांधी का अडानी के प्रति जो रवैया है वह किसी से छिपा नहीं है। उनके इस रवैए की वजह से विपक्षी पार्टियां संसद चलाने के मुद्दे पर बंटी हुई हैं। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक दलों की मजबूरी है। वे रोज राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय में मिलती हैं और कांग्रेस के एजेंडे पर हामी भरती हैं। लेकिन उनको भी लग रहा है कि अडानी का मुद्दा काम नहीं कर रहा है। महाराष्ट्र में जितने हाई पिच पर कांग्रेस और उद्धव ठाकरे ने अडानी का मुद्दा उठाया था, उनको उतना ही बड़ा झटका लगा। इससे भी पार्टियां आशंकित हैं और चाहती हैं कि दूसरे ऐसे मुद्दे उठाए जाएं, जो जनता से जुड़े हों। साथ ही वे संसद से सुचारू संचालन के पक्ष में भी हैं। Parliament winter session