parliament session 2025 : मिर्जा गालिब ने कहा है- बेखुदी बेसबब नहीं है गालिब, कुछ तो है जिसकी पर्दादारी है….
संसद के बजट सत्र की सातवें दिन संसद की कार्यवाही में एक दिलचस्प घटनाक्रम हुआ, जिसकी रिपोर्टिंग बहुत कम हुई है।
राज्यसभा में प्रश्नकाल में एक तारांकित प्रश्न वापस ले लिया गया। पहले प्रश्न स्वीकार कर लिया गया था लेकिन जिस दिन जवाब दिया जाना था उस दिन उसे वापस ले लिया गया। (parliament session 2025)
प्रश्न उत्तर प्रदेश के भाजपा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी का था परंतु इसे वापस लिए जाने पर नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आपत्ति जताई। इसे लेकर खड़गे और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के बीच बहस भी हुई।
खड़गे ने कहा कि इस तरह से प्रश्न वापस नहीं हो सकता है। इस पर धनखड़ ने कहा कि पहले भी ऐसा होता रहा है और यह सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत ही फैसला हुआ है।
फैसला नियम के तहत हुआ या नहीं (parliament session 2025)
दिलचस्प मामला यह नहीं है कि फैसला नियम के तहत हुआ या नहीं दिलचस्प सवाल था, जिसे वापस लिया गया।
भाजपा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने पूछा था कि नोएडा में कितने बिल्डरों ने सरकारी एजेंसियों को दिया जाने वाला शुल्क जमा नहीं कराया है। (parliament session 2025)
उन्होंने बिल्डरों के नाम और बकाया राशि के बारे में पूछा था। उनका कहना था कि राशि बकाया होने की वजह से मकान आवंटित होने के बाद भी लोगों को उसका कब्जा नहीं मिल रहा है।
अब सवाल है कि इस प्रश्न में ऐसा क्या था, जिसका जवाब सरकार नहीं देना चाहती है? क्या कोई खास बिल्डर है या कई बिल्डर हैं, जिनका नाम जाहिर नहीं होने दिया जा रहा है?
क्या राशि बहुत ज्यादा बकाया है, जिसका आंकड़ा सामने आने से लोग में निगेटिव मैसेज जाता? (parliament session 2025)