एनसीपी नेता और राज्यसभा के सांसद प्रफुल्ल पटेल 23 जून को पटना में थे। वे विपक्षी पार्टियों के सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शरद पवार के साथ पटना पहुंचे थे। 18 जुलाई को वे दिल्ली के अशोक होटल में भाजपा के नेतृत्व में हुए एनडीए की बैठक में शामिल हुए। अगली बैठक में वे कहां होंगे, यह किसी को पता नहीं है। बहुत संभव है कि विपक्षी पार्टियों की अगली बैठक, जब मुंबई में हो तो वे वहां मेजबानी कर रहे हों। असल में वे आदेशपाल हैं। कभी शरद पवार के आदेश का पालन करते हैं तो कभी अजित पवार के आदेश का। जहां जाने का आदेश ‘साहेब’ लोग देते हैं वे वहां पहुंच जाते हैं।
अभी तय नहीं है कि अगला आदेश क्या होगा क्योंकि एनसीपी में अभी जो खेल चल रहा है उसके बारे में किसी को अंदाजा नहीं है कि ऊपर से जो दिख रहा है वही खेल है या असली खेल कुछ और हो रहा है। उस खेल का खुलासा होगा तभी पता चलेगा कि प्रफुल्ल पटेल अगली बैठक में कहां होंगे। अगर सब कुछ प्लानिंग के हिसाब से होता है और वे केंद्र में मंत्री बन जाते हैं तब तो गारंटी होगी कि एनडीए की बैठक में ही रहेंगे लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो वे कहीं भी जा सकते हैं।