इस चुनाव का फ्लेवर गारंटी वाला है। सबसे ज्याद इस्तेमाल होने वाला शब्द गारंटी बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी गारंटी दे रहे हैं तो राहुल गांधी और कांग्रेस कई नई गारंटी दे रहे हैं और साथ ही पुरानी गारंटियों को लागू करने के सबूत पेश कर रहे हैं। उधर बिहार में तेजस्वी यादव ने परिवर्तन पत्र पेश किया तो अपनी गारंटी दी और अब अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में बैठ कर देश के लिए 10 गारंटियां दी हैं। यह दिलचस्प इसलिए है कि न तेजस्वी देश के नेता हैं और न केजरीवाल की पार्टी देश भर में चुनाव लड़ रही है। लेकिन दोनों ने पूरे देश के किसानों, नौजवानों, महिलाओं के लिए गारंटी दी है और गारंटी को लागू कराने की गारंटी ली है।
अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली मॉडल पर गारंटी दी है कि देश भर के गरीबों को 24 घंटे बिजली मिलेगी और दो सौ यूनिट फ्री बिजली देंगे। यह कांग्रेस की गारंटी नहीं है। ध्यान रहे बिजली राज्य का विषय है और अलग अलग राज्यों की सरकारें इसे लागू करेंगी। इसी तरह कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार में 30 लाख नौकरी देने का वादा किया है लेकिन तेजस्वी यादव ने इसमें 70 लाख नौकरियां और जोड़ कर इसे एक करोड़ पहुंचा दिया। अब केजरीवाल ने दो करोड़ नौकरियां देने की गारंटी दी है। केजरीवाल ने स्कूल और अस्पताल का भी वादा किया है लेकिन ध्यान रहे शिक्षा और स्वास्थ्य भी राज्य का विषय है। केंद्र सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के कुछ केंद्रीय संस्थान बना सकती है लेकिन अंततः इस बारे में भी राज्य सरकारों को ही कम करना होगा।