वैसे तो क्रिकेट और खिलाड़ियों को लेकर ढेर सारे टोटके हैं लेकिन एकदिवसीय क्रिकेट के विश्व कप में भारत के फाइनल में पहुंचने को लेकर भी दो टोटके हैं, जिनकी सोशल मीडिया में बड़ी चर्चा हो रही है। वह टोटका यहहै कि भारत जब भी 50 ओवर के क्रिकेट के फाइनल में पहुंचता है तो उसके बाद वाले चुनाव में सत्ता बदल जाती है या प्रधानमंत्री बदल जाता है और जब विश्व कप मुकाबले के फाइनल में भारत की टीम नहीं पहुंचती है तो उसके बाद के चुनाव में सत्ता नहीं बदलती है। दूसरा टोटका यह है कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार होती है तभी भारत विश्व कप का फाइनल जीत पाता है।
इससे पहले भारतीय टीम आखिरी बार 2011 के विश्व कप मुकाबले के फाइनल में पहुंची थी और विश्व कप जीती भी थी। तब केंद्र में मनमोहन सिंह की सरकार थी। लेकिन उसके बाद हुए 2014 के चुनाव में कांग्रेस न बुरी तरह से हार कर सत्ता से बाहर हो गई। तब विश्व कप भारत में ही हुआ था। उससे पहले भारतीय टीम 2003 के विश्व कप मुकाबले में फाइनल में पहुंची थी और उसके अगले साल यानी 2004 के लोकसभा चुनाव में भाजपा हार गई थी और अटल बिहारी वाजपेयी को सत्ता से बाहर होना पड़ा था। सबसे पहले भारत 1983 के विश्व कप फाइनल में पहुंचा था और जीता था। उसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या हो गई थी और राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने थे। उनकी कमान में कांग्रेस को प्रचंड जीत मिली।
भारत पिछले दो विश्व कप के फाइनल में नहीं पहुंचा था। 2019 में भारत सेमीफाइनल में हार गया था और उससे पहले 2015 में भी भारत फाइनल से पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो गया था। 2015 के विश्व कप के बाद हुए चुनाव में सत्ता परिवर्तन नहीं हुआ था। उससे पहले 2007 के विश्व कप में भी भारत फाइनल में नहीं पहुंचा था और उसके बाद के चुनाव में भी सत्ता परिवर्तन नहीं हुआ था। इसका अपवाद 1996 का विश्व कप है, जब भारत फाइनल में नहीं पहुंचा था फिर भी 1998 के चुनाव में सत्ता परिवर्तन हो गया था।