federalism karnataka : ऐसे समय में जब केंद्र सरकार और राज्यों की विपक्षी पार्टियों की सरकारों के बीच घमासान चल रहा है और सारी विपक्षी पार्टियां संघवाद के ऊपर बड़ा खतरा बता रही हैं, कर्नाटक में संघवादी शासन व्यवस्था की एक मिसाल बनी है।
11 फरवरी को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में इन्वेस्ट कर्नाटक 2025 का उद्घाटन हुआ। कांग्रेस पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार होते हुए राज्य के निवेश सम्मेलन का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया।
यह संभवतः पहला मामला है, जब राज्य के किसी कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री ने किया। रक्षा मंत्री वायु सेना के सालाना एयरो शो के लिए बेंगलुरू में थे और उन्होंने राज्य सरकार ने इस कार्यक्रम के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया। (federalism karnataka)
उन्होंने भी बड़प्पन दिखाते हुए निवेशकों से राज्य में निवेश करने की अपील की। उन्होंने कर्नाटक को विकसित भारत के गेटवे बताया और उसकी आईटी सेक्टर की तरक्की की तारीफ की। आमतौर पर विपक्षी पार्टियों की सरकारों के बारे में ऐसी बातें सुनने को नहीं मिलती हैं।
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राजनाथ सिंह को नहीं बुलाए? (federalism karnataka)
सो, यह सुखद आश्चर्य की बात थी कि इतनी विभाजित भारतीय राजनीति के दौरान भाजपा और कांग्रेस या केंद्र और राज्य के बीच इतना सद्भाव दिखा।
लेकिन उससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात यह थी कि कांग्रेस के सारे शीर्ष नेता कार्यक्रम से नदारद रहे। कर्नाटक के ही रहने वाले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे संसद की कार्यवाही के हवाले बेंगलुरू में उद्घाटन समारोह से दूर रहे। (federalism karnataka)
हालांकि ऐसा नहीं था कि राज्यसभा में उनको भाषण देना था। फिर भी वे नहीं गए। राहुल गांधी के बेंगलुरू जाने की खबर थी लेकिन वे भी नहीं गए। वे क्यों नहीं गए यह नहीं बताया गया।
क्या राजनाथ सिंह उद्घाटन कर रहे थे इसलिए ये दोनों नेता उद्घाटन समारोह से दूर रहे? अगर ऐसा है तो क्यों नहीं कांग्रेस आलाकमान ने पहले ही राज्य सरकार को आगाह कर दिया कि वह राजनाथ सिंह को नहीं बुलाए?
बहरहाल, पता नहीं कांग्रेस नेता किस वजह से शामिल नहीं हुए लेकिन कांग्रेस सरकार के कार्यक्रम का राजनाथ सिंह का उद्घाटन करना भारतीय राजनीति का अच्छा अध्याय है। (federalism karnataka)