भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की राष्ट्रीय टीम के कई सदस्य इस बार विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। आमतौर पर राष्ट्रीय पदाधिकारी और खास कर उपाध्यक्ष या महासचिव वगैरह सासंद होते हैं। पहले भाजपा के ज्यादातर राष्ट्रीय पदाधिकारी लोकसभा या राज्यसभा के सदस्य ही होते थे। लेकिन नरेंद्र मोदी और अमित शाह के पार्टी की कमान संभालने के बाद यह स्थिति बदली है। अब राज्यों के विधायक भी राष्ट्रीय पदाधिकारी होते हैं और उनको भी विधानसभा का चुनाव लड़ना पड़ता है। जैसे मई में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने कर्नाटक में भी विधानसभा का चुनाव लड़ा था। हालांकि पार्टी के दिग्गज नेताओं के साथ अपने टकराव और भितरघात की वजह से वे हार गए थे।
बहरहाल, इस बार पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव में नड्डा की टीम के चार वरिष्ठ सदस्य विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें दो उपाध्यक्ष हैं और दो महासचिव। राजस्थान की झालरापाटन सीट से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे चुनाव लड़ रही हैं। वे नड्डा की टीम में उपाध्यक्ष हैं। दूसरे उपाध्यक्ष रमन सिंह हैं। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह राजनांदगांव सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। महासचिवों में कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर-एक सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। ध्यान रहे वे पिछली बार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़े थे और उनके बेटे आकाश को इंदौर-तीन सीट से टिकट मिली थी। इस बार आकाश नहीं लड़ रहे हैं। बहरहाल, दूसरे महासचिव बंदी संजय कुमार हैं, जो तेलंगाना की करीमनगर लोकसभा सीट से सांसद हैं। उनको पार्टी ने करीमनगर की ही विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है। ध्यान रहे नड्डा की टीम के अलावा इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टीम के सदस्य भी विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। तीन केंद्रीय मंत्री मध्य प्रदेश चुनाव में मैदान में हैं।