भारतीय जनता पार्टी लगातार चुनाव जीत रही है और उसके केंद्रीय नेतृत्व पर भी कोई सवाल नहीं उठा रहा है लेकिन उसकी प्रदेश कमेटियों में विवाद बढ़ रहा है। कई राज्यों में भाजपा के नेता आपस में उलझे हैं। कर्नाटक से लेकर केरल, पश्चिम बंगाल से लेकर मध्य प्रदेश और मणिपुर से लेकर मिजोरम तक में पार्टी के अंदर कई गुट बन गए हैं और हर गुट के नेता एक दूसरे की शिकायत लेकर दिल्ली पहुंच रहे हैं। आमतौर पर भाजपा को अनुशासित पार्टी माना जाता है और नरेंद्र मोदी व अमित शाह के हाथ में पार्टी की कमान आने के बाद तो अनुशासन कुछ ज्यादा ही बहाल हो गया है। तभी यह हैरानी की बात है कि कैसे पार्टी के नेता इतना खुल कर एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं और विरोध कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश में लंबे समय के बाद पार्टी के अंदर गुटबाजी की खबरें आई हैं। उपचुनाव में विजयपुर की सीट हारने के बाद एक खेमे में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ मोर्चा खोला है। गौरतलब है कि बुधनी और विजयपुर में उपचुनाव हुए थे, जिसमें बुधनी में भाजपा की जीत का अंतर एक लाख से घट कर 12 हजार हो गया और विजयपुर में पार्टी हार गई। गौरतलब है कि बुधनी सीट शिवराज सिंह चौहान के सांसद बनने से खाली हुई थी।
Also Read: विपक्ष की बैठक में नहीं गई तृणमूल कांग्रेस
बहरहाल, विजयपुर से रामनिवास रावत चुनाव लड़े थे, जो कुछ समय पहले ही कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए थे और राज्य सरकार में मंत्री बनाए गए थे। रावत चुनाव हारने पर जब सवाल उठे तो सिंधिया ने कहा कि उनको प्रचार के लिए नहीं बुलाया गया था। लेकिन तत्काल पार्टी के प्रवक्ता भगवानदास सबनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा दोनों ने सिंधिया को प्रचार में आने के लिए कहा था लेकिन वे प्रचार में नहीं गए।
उधर कर्नाटक में बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने कई बड़े नेताओं के साथ मिल कर प्रदेश अध्यक्ष और बीएस येदियुरप्पा के बेटे वीवाई विजयेंद्र के खिलाफ मोर्चा खोला है। यतनाल के साथ रमेश जरकिहोली भी हैं और कुमार बंगरप्पा भी हैं। असल में इन नेताओं ने वक्फ के खिलाफ प्रदेश में एक मोर्चा निकाला था और पूरे राज्य की यात्रा शुरू की थी। विजयेंद्र का कहना है कि प्रदेश कमेटी की मंजूरी के बगैर यात्रा निकाली गई। इसे लेकर विजयेंद्र ने बसनगौड़ा पाटिल यतनाल को पार्टी से निकालने की मांग की है। दूसरी ओर यतनाल प्रदेश के कई बड़े नेताओं को लेकर दिल्ली पहुंच गए हैं शिकायत करने।
Also Read: आज से संसद में होगा कामकाज
मध्य प्रदेश की तरह केरल में भी पलक्कड सीट का उपचुनाव हारने के बाद भाजपा की प्रदेश ईकाई में झगड़ा चल रहा है। कृष्णकुमार को उम्मीदवार बनाए जाने के खिलाफ पार्टी के एक खेमे में मोर्चा खोला है। पश्चिम बंगाल में भी छह विधानसभा सीटों के उपचुनाव में पार्टी के हारने के बाद प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और विधायक दल के नेता सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ पार्टी के नेता अभियान चलाए हुए हैं। अलग अलग राज्यों में गुटबाजी के बीच संगठन के चुनाव होने हैं और उसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होना है। माना जा रहा है कि उसके बाद ही आंतरिक विवाद सुलझाने की ठोस पहल होगी।