देश की राजनीति में उत्तर और दक्षिण के विभाजन की चर्चा के बीच ऐसा लग रहा है कि दक्षिण की गैर भाजपा सरकारों को केंद्र के साथ अपने विवाद सुलझाने में अदालतों का ही सहारा है। कम से कम तीन राज्यों का विवाद अभी सुप्रीम कोर्ट ने सुलझाया है। केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक इन तीनों राज्यों को सुप्रीम कोर्ट ने राहत दिलाई है। पिछले कई महीने से तमिलनाडु और कर्नाटक आपदा राहत के मद में मिलने वाली राशि के लिए संघर्ष कर रहे थे तो केरल और तमिलनाडु दोनों राज्यों में सरकारें इस बात से परेशान थीं कि राज्यपाल विधानसभा से पास किए गए विधेयकों को मंजूरी नहीं दे रहे हैं। इन सबकी शिकायत सुप्रीम कोर्ट में पहुंची थी और सर्वोच्च अदालत ने केंद्र व राज्य के बढ़ते विवाद पर चिंता भी जताई थी।
अंत में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया और उसके आदेश के बाद तमिलनाडु और कर्नाटक दोनों को आपदा राहत के मद में पैसे मिले हैं। हालांकि दोनों सरकारों ने यह कहा है कि उनकी जितनी जरुरत है या उनका जितना हक मिलता है उससे कम पैसा मिला है फिर भी दोनों ने संतोष जताया है। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सुप्रीम कोर्ट का आभार भी जताया है। सोचें, यह विशुद्ध कार्यकारी फैसला है, जो केंद्र और राज्य के स्तर पर होना चाहिए लेकिन इसमें भी सुप्रीम कोर्ट को दखल देना पड़ रहा है। इसी तरह सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद केरल के राज्यपाल ने लंबे समय से अटके पांच विधेयकों को मंजूरी दी है। इस पर केरल के मुख्यमंत्री ने भी कहा है कि मामला जब सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा तभी राज्यपाल ने मंजूरी दी है।
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