Manipur CM Resigns : मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह का इस्तीफा कराने में भारतीय जनता पार्टी ने ऐसी जल्दबाजी क्यों की? यह लाख टके का सवाल है।
पिछले 21 महीने से बीरेन सिंह के इस्तीफे की मांग हो रही थी और पिछले तीन महीने से भाजपा के कुकी और मैती विधायकों का एक समूह बीरेन सिंह के खिलाफ मोर्चा खोले हुआ था।
जब भाजपा ने इतने दिन तक इंतजार किया तो उसने नए मुख्यमंत्री का नाम तय करने के बाद बीरेन सिंह का इस्तीफा क्यों नहीं कराया? (Manipur CM Resigns)
कहा जा रहा है कि कांग्रेस की ओर से उनकी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया गया था और बीरेन सिंह विरोधी खेमे का कहना था कि वह इसका समर्थन कर सकता है। लेकिन यह सुविधा का तर्क है।
स्पीकर भाजपा के टी सत्यब्रत सिंह हैं और वे कांग्रेस का नोटिस खारिज भी कर सकते हैं। असल में सत्यब्रत सिंह खुद मुख्यमंत्री पद के सबसे बड़े दावेदार हैं इसलिए उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव का हल्ला मचाया।
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मणिपुर का सीएम कौन…(Manipur CM Resigns)
ऐसा लग रहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने अविश्वास प्रस्ताव के हल्ले के बीच दिल्ली के विधानसभा चुनाव नतीजे को एडवांटेज के तौर पर इस्तेमाल किया।
इससे पहले जब भी बीरेन सिंह का इस्तीफा कराने की बात होती तो वे कोई न कोई ड्रामा कर देते थे। एक बार इस्तीफा लिख कर भेजा और बाहर अपने समर्थकों के हाथों उसे फड़वा दिया।
इसी तरह एक बार जब विरोध बढ़ा तो मणिपुर के लोगों से माफी मांग ली। तभी इस बार भाजपा आलाकमान उनको मौका देने के पक्ष में नहीं था। (Manipur CM Resigns)
दिल्ली का नतीजा आया और भाजपा 27 साल बाद चुनाव जीती तो पूरे देश में इसका यूफोरिया बना और इसी का फायदा उठाते हुए पार्टी ने अगले दिन बीरेन सिंह का इस्तीफा करा लिया।
अब मुश्किल यह है कि नए मुख्यमंत्री का चुनाव नहीं हो पा रहा है। बीरेन सिंह भले कमजोर हो गए हैं लेकिन मैती विधायकों का एक समूह अब भी उनके साथ है।
अब उनके समर्थक विधायक कुकी समूहों की इस मांग के साथ हो गए हैं कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाए। दूसरी ओर पार्टी आलाकमान नया मुख्यमंत्री बनाना चाहता है। (Manipur CM Resigns)
वाई खेमचंद्र सिंह, टी सत्यब्रत सिंह और बिस्वजीत सिंह दावेदार हैं। लेकिन इनके अलावा भी भाजपा एक दो नामों पर विचार कर रही है।