ऐसा लग रहा है कि भारतीय जनता पार्टी को छोड़ कर देश की बाकी सभी पार्टियां अंततः जाति गणना शुरू कराएंगी या कराने का ऐलान करेंगी। एकाध प्रादेशिक पार्टियों को छोड़ कर ज्यादातर सत्तारूढ़ प्रादेशिक पार्टियां जाति गणना करवा रही हैं। बिहार के बाद ओडिशा ने अपने यहां हुई जाति गणना के आंकड़े जारी किए और अब आंध्र प्रदेश सरकार ने जाति गणना कराने का ऐलान कर दिया है। गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश में अगले साल लोकसभा के साथ ही विधानसभा का चुनाव होने वाला है। उसे पहले जगन मोहन रेड्डी की सरकार ने जाति गणना कराने की घोषणा की है। राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि नवंबर में जाति गणना शुरू हो जाएगी।
संभव है कि अगले साल लोकसभा और विधानसभा चुनाव से पहले जाति गणना के आंकड़े जारी कर दिए जाएं। अगर नहीं भी होता है तब भी सरकार वादा कर सकती है कि वह सरकार में आने के बाद आंकड़े जारी करेगी और इस हिसाब से आरक्षण का प्रावधान करेगी। आंध्र प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने भी जाति गणना का वादा किया था। लेकिन उससे पहले ही जगन मोहन रेड्डी ने इसकी घोषणा कर दी। ध्यान रहे राजस्थान में कांग्रेस की सरकार ने राज्य में विधानसभा चुनाव की घोषणा से दो दिन पहले जाति गणना कराने की अधिसूचना जारी की। मध्य प्रदेश में वह विपक्ष में है तो उसने चुनाव घोषणापत्र में वादा किया है कि सरकार बनी तो जाति गणना कराएंगे।