आमतौर पर सरकारें अपनी उपलब्धियों का ब्योरा देती हैं। जैसे पिछले दिनों केंद्र सरकार ने सौ दिन की उपलब्धियों का ब्योरा दिया। नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के पहले सौ दिन की उपलब्धियों का बहुत ढोल पीटा गया। खुद प्रधानमंत्री ने हर जगह उपलब्धियां बताईं तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ढेर सारे फैसलों और परियोजनाओं की जानकारी दी। यह संभवतः पहली बार हो रहा है कि कांग्रेस ने नेता प्रतिपक्ष के सौ दिन की उपलब्धियों का ब्योरा जारी किया है। इससे पहले अधीर रंजन चौधरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेता था और उससे पहले मल्लिकार्जुन खड़गे लोकसभा में कांग्रेस के नेता थे लेकिन उनके सौ दिन की उपलब्धियां कांग्रेस ने नहीं बताई थी।
अब राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं तो कांग्रेस ने उनकी सौ दिन की उपलब्धियां बताई हैं। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शुक्रवार, चार अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी के नेता प्रतिपक्ष के तौर पर किए गए कामों के बारे में बताया। हालांकि इसमें वास्तविक काम कोई नहीं है लेकिन उन्होंने राहुल गांधी के भाषणों को ही काम बता कर उसे उपलब्धि के तौर पर पेश किया। सोचें, अब भाषण देना भी उपलब्धि है? केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर लिखा कि राहुल गांधी ने यहां आवाज उठाई, वहां आवाज उठाई, पेपर लीक पर बोले, मणिपुर पर बोले और आदर्श विपक्ष की मिसाल पेश की। जाहिर है नेता विपक्ष कोई नीतिगत फैसला नहीं कर सकता है या परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं कर सकता है। लेकिन राहुल गांधी की पार्टी की तीन राज्यों में सरकार थी। उन्होंने लोकसभा चुनाव में जो वादे किए थे उनमें से कुछ भी अपने शासन वाले राज्यों में लागू कराते और उसको उपलब्धि बना कर पेश किया जाता तो कुछ बात बनती।