भोपाल। राजनीतिक उतार चढ़ाव के बीच पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 28 साल बाद अपने गृह नगर छिंदवाड़ा में जन्मदिन पर जलवा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। प्रदेश भर से उनके समर्थक छिंदवाड़ा पहुंचे और तभी सम्मेलन में कुमार विश्वास ने समां बांधा एक तरह से उन्होंने प्रदेश की राजनीति में अपने आपको अभी भी जनाधार वाला नेता सिद्ध किया।
दरअसल लगभग 40 वर्षों तक कमलनाथ छिंदवाड़ा से सांसद और केंद्र में मंत्री या कांग्रेस पार्टी में महत्वपूर्ण पदों पर रहे। 2018 के विधानसभा चुनाव के पहले हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बनकर भोपाल आए और तब से अब तक प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र किसी न किसी बहाने बन रहे हैं। हालांकि 2020 में डेढ़ साल में ही कमलनाथ मुख्यमंत्री पद से हट गए। उनकी सरकार ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके साथ भाजपा में गए विधायकों के कारण सरकार गिर गई और तब से कमलनाथ वापसी की उम्मीद में प्रदेश की राजनीति में सक्रिय बने हुए हैं।
2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें सरकार में वापस आने की उम्मीद थी लेकिन बीजेपी ने तगड़ा झटका देते हुए भारी बहुमत से सरकार बना ली और इससे कमलनाथ को दो तरफा नुकसान हुआ। एक तरफ सरकार नहीं बना पाए तो दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी ने जीतू पटवारी को नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति कर दी और इसके बाद कमलनाथ की भाजपा में जाने की चर्चाएं भी खूब रही लेकिन भाजपा में वे नहीं गये लगातार राजनीति में हिचकोले खाते कमलनाथ को एक झटका और लगा जब लोकसभा चुनाव में उनके पुत्र नकुलनाथ को हार का सामना करना पड़ा और तब से कमलनाथ किसी ऐसे अवसर की तलाश में थे जिसमें वे अपने अस्तित्व का भान राजनैतिक गलियारों में करा सके और 18 नवंबर को जन्मदिन की बहाने उन्होंने अपना जनाधार का जलवा दिखने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
18 नवंबर को छिंदवाड़ा में प्रदेश भर से उनके समर्थक पहुंचे पूरा शहर होल्डिंग बैनर से सजा हुआ था। दिनभर जन्मदिन के कार्यक्रम चलते रहे और रात को कभी सम्मेलन का आयोजन हुआ जिसमें कुमार विश्वास ने जम कर तालियां बटोरी। कुमार विश्वास ने इस दौरान कहा कि कमलनाथ का राजनीतिक भविष्य क्या है। नकुलनाथ का राजनीतिक भविष्य क्या है यह तो मैं नहीं जानता यह तो जनता और समझते करेगा। आप नेता कितने बड़े थे इतिहास से करेगा लेकिन आप मनुष्य बहुत बड़े हैं। कुमार विश्वास ने कहा कि मुझे 36 वर्ष कभी सम्मेलन में हो गए लेकिन पहली बार किसी राजनेता के जन्मदिन पर कविता पढ़ने आया हूं। इस अवसर पर कुमार विश्वास ने यह भी कहा कि राजनीति में वह समय समाप्त हो हो रहा जो विचार और व्यक्तिगत लड़ाई को अलग समझे।
कुल मिलाकर मध्यप्रदेश की राजनीति में अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके समर्थको ने 18 नवंबर को छिंदवाड़ा में जन्मदिन की बहाने जो शक्ति प्रदर्शन किया है उसका मूल्यांकन स्वयं उनकी पार्टी कांग्रेस और विपक्षी पार्टी बीजेपी कितना और किस रूप में करती है। यह तो आने वाला समय बताएगा लेकिन प्रदेश की राजनीति में संसाधनों से समृद्ध कमलनाथ समय-समय पर संबंधों की संपदा का प्रदर्शन भी कर देते हैं।