भोपाल। प्रदेश में बुधनी एवं विजयपुर विधानसभा सीट के लिए दोनों ही प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी घोषित हो गए हैं। भाजपा में पहले से ही प्रत्याशी लगभग तय थे लेकिन कांग्रेस ने जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश की है।
दरअसल, प्रदेश में 13 नवंबर को बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीटों के उपचुनाव होना है 18 नवंबर से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है जो कि 25 नवंबर तक चलेगी। प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा हो चुकी है। भाजपा ने बुधनी से रमाकांत भार्गव और विजयपुर विधानसभा से रामनिवास रावत को चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस ने बुधनी से राजकुमार पटेल विधानसभा से मुकेश मल्होत्रा को टिकट दिया है।
भाजपा में प्रत्याशी लगभग पहले से ही तय थे। बुधनी में यदि परिवारवाद की गाइडलाइन नहीं होती तो कार्तिकेय चौहान को प्रत्याशी बनाया जाता। इसके बाद रमाकांत भार्गव का नाम ही सबसे ऊपर था। विदिशा लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे रमाकांत भार्गव पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नजदीकी माने जाते हैं। विजयपुर विधानसभा सीट पर रामनिवास रावत का चुनाव लड़ना तय था क्योंकि लोकसभा चुनाव के दौरान रामनिवास रावत कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। बाद में उन्हें मंत्री भी बनाया गया है।
बहरहाल, शनिवार को भाजपा ने बुधनी और विजयपुर विधानसभा के उपचुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित किए थे और रविवार की शाम तक कांग्रेस ने भी दोनों सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। बुधनी विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने 1993 में विधायक रहे राजकुमार पटेल पर भरोसा जताया है। यहां बताते चलें कि विदिशा लोकसभा सीट से जब सुषमा स्वराज चुनाव लड़ रही थी तब कांग्रेस ने राजकुमार पटेल को प्रत्याशी बनाया था लेकिन और एन वक्त पर राजकुमार पटेल बी फर्मा जमा नहीं कर पाए और सुषमा स्वराज को बाकोबर मिल गया तब से राजकुमार पटेल पार्टी का विश्वास जीतने का प्रयास कर रहे थे और पार्टी में उपचुनाव में पटेल को प्रत्याशी बनाकर फिर से भरोसा जताया है।
1998 में राजकुमार पटेल के बड़े भाई देव कुमार पटेल भी बुधनी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। पटेल परिवार की बुधनी क्षेत्र में मजबूत पकड़ है। जातीय समीकरण का भी राजकुमार पटेल को फायदा मिल सकता है। शायद इसी कारण कांग्रेस ने पटेल पर भरोसा जताया है। वहीं दूसरी विजयपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने मुकेश मल्होत्रा को प्रत्याशी बनाया है। मल्होत्रा भाजपा सरकार में सहरिया विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रहे हैंI
लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने के कारण वे निर्दलीय चुनाव लड़े और तीसरे स्थान पर रहे। मेहरोत्रा को तब करीब 45,000 वोट मिले थे। मल्होत्रा सहरिया समुदाय से आते हैं और विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में करीब 70,000 आदिवासी मतदाता है। कांग्रेस ने मल्होत्रा की सक्रियता और आदिवासी क्षेत्र में मजबूत पड़कर चलते उन्हें प्रत्याशी बनाया है।
कुल मिलकर बुधनी और विजयपुर विधानसभा के उपचुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस के चेहरे सामने आ गए हैं। भाजपा ने जहां लगभग तय चेहरों को सामने किया है वहीं कांग्रेस में जाति समीकरणों को साधते हुए भाजपा को चुनौती देने की कोशिश की है।