ताईपेई। ताइवान की सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) के लाई चिंग ते (Lai Ching Te) ने सोमवार को राष्ट्रपति पद की शपथ ली और पदभार ग्रहण किया। ताइवान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह और अन्य संबंधित कार्यक्रमों में 51 प्रतिनिधिमंडलों में पांच सौ से ज्यादा विदेश अतिथि शामिल हुए। ताइवान से राजनयिक संबंध रखने वाले आठ देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी मौजूद रहे। पेशे से डॉक्टर लाई (64) ने त्साई इंग वेन (67) की जगह ली है जो अधिकतम दो कार्यकाल पूरा कर चुकी थीं। लाई ऐसे समय में राष्ट्रपति बने हैं जब चीन के साथ ताइवान का टकराव बढ़ रहा है। चीन 2.3 करोड़ की आबादी वाले इस द्वीप पर दावा करता है। ताइवान में 1949 से स्वतंत्र सरकार है। Lai Ching Te
त्साई (Lai Ching Te) के आठ साल के शासन में सरकार का फोकस चीन के साथ यथास्थिति बनाये रखने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ताइवान की दृश्यता बढ़ाने पर रहा। समारोह के दौरान उप राष्ट्रपति हसिआओ बी खिम (Hsiao B Khim) (52) ने भी पद की शपथ ली। वह 2020 से 2023 तक अमेरिका में ताइवान की अनौपचारिक राजदूत रहने से पहले कई साल तक डीपीपी नेता रह चुकी हैं। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी डीपीपी को अलगाववादी संगठन बताती है। उसने धमकी दी है कि यदि पार्टी स्वतंत्रता की ओर कोई औपचारिक कदम बढ़ाती है तो वह ताइवान पर आक्रमण कर देगा। अमेरिका ताइवान के साथ जटिल रिश्ता रखता है। वह ताइवान की सरकार को मान्यता नहीं देता है, लेकिन 1979 के ताइवान रिलेशन एक्ट (Taiwan Relations Act) के तहत कानूनी तौर पर ताइवान की रक्षा क्षमता को समर्थन देने के लिए बाध्य है।
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