नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल पेश होने के साथ ही भाजपा और कांग्रेस में इसका श्रेय लेने की होड़ मच गई है। कांग्रेस ने दावा किया है कि यह उसका बिल है और उसने सबसे पहले महिलाओं के आरक्षण का मुद्दा उठाया था। मंगलवार की सुबह संसद आते ही कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दावा किया कि ‘यह हमारा बिल है’। बाद में नए संसद भवन में बिल पेश होने से पहले कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी कहा कि यह कांग्रेस का बिल है, जिसे उसने मार्च 2010 में राज्यसभा में पास कराया था।
अधीर रंजन चौधरी ने नए संसद भवन की पहली कार्यवाही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद भाषण दिया और उन्होंने महिला आरक्षण के बारे में विस्तार से बताया। चौधरी ने कहा कि सबसे पहले राजीव गांधी ने महिला आरक्षण की बात कही थी। तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने भी इसका समर्थन किया। अधीर रंजन ने बताया कि कांग्रेस हमेशा महिला आरक्षण के समर्थन में रही है और मनमोहन सिंह की सरकार ने इसका बिल पास कराया था।
इससे एक दिन पहले सोमवार को कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद ट्विट करके कहा था कि कांग्रेस इस फैसले का स्वागत करती है। हालांकि मंगलवार को बिल पेश होने के बाद उन्होंने इसे सरकार का इवेंट मैनेजमेंट कहा। कांग्रेस के दूसरे नेता पी चिदंबरम ने भी सोमवार को कहा था कि अगर सरकार मंगलवार को महिला आरक्षण विधेयक पेश करती है, तो यह कांग्रेस और यूपीए सरकार में उसके सहयोगियों की जीत होगी। उन्होंने कहा- यूपीए सरकार के दौरान ही यह बिल नौ मार्च 2010 को राज्यसभा में पारित हो गया था, लेकिन इसे लोकसभा में पास नहीं करवा पायी थी।