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05-04-2025 Vol 19

मजदूरों का वीडियो आया, उम्मीद बढ़ी

देहरादून। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सुरंग धंसने से उसमें फंसे 41 मजदूरों का पहला वीडियो सामने आया है। पिछले 10 दिन से सुरंग में फंसे सभी मजदूर सुरक्षित हैं। सोमवार को छह इंच की एक पाइप फंसे हुए मजदूरों तक पहुंचाई गई थी, जिससे उनको गर्म और पौष्टिक खाना भेजा जा रहा है। उसी पाइप के जरिए अंदर भेजे गए कैमरे से उनकी वीडियो सामने आई है। इस बीच राहत व बचाव की टीम विदेशी विशेषज्ञों की मदद से मजदूरों को बचाने की एक साथ कई योजनाओं पर काम कर रही है।

बताया गया है कि बचाव की टीम नए पांच प्वाइंट प्लान पर काम कर रही है। इसके तहत सिलक्यारा और डंडालगांव में वर्टिकल ड्रिलिंग यानी सुरंग के ऊपर से ड्रिलिंग करने के साथ साथ समानांतर ड्रिलिंग की जाएगी। इस बीच सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव अनुराग जैन ने कहा है- अगर अमेरिकी ऑगर मशीन ने अच्छा काम किया और ये सफल रहा, तो मजदूरों को निकालने में दो से तीन दिन का वक्त लग सकता है। हालांकि इस तरह की कई टाइमलाइन पहले भी दी जा चुकी है। जानकारों का कहना है कि इसमें ज्यादा समय भी लग सकता है।

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, बीआरओ सहित कई एजेंसियां और तमाम तकनीकी विशेषज्ञ राहत व बचाव की टीम में काम कर रहे हैं। चार अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी आए हैं, जो टीम की मदद कर रहे हैं। इस बीच सुरंग में फंसे मजदूरों को मंगलवार सुबह 24 बोतलों में गर्म खिचड़ी और दाल भेजी गई। दोपहर में सेब और संतरे भेजे गए। मंगलवार को कैमरे पर अंदर फंसे मजदूरों से बात हुई, उनकी गिनती की गई। सभी मजदूर सुरक्षित हैं। मजदूरों की हर एक्टिविटी का पता लगाने के लिए अब दिल्ली से हाईटेक सीसीटीवी मंगाए जा रहे हैं।

सुरंग में फंसे मजदूरों को मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के उपाय भी किए जा रहे हैं। राहत व बचाव कार्य में लगे जानकारों का कहना है कि छह इंच की एक और पाइप लाइन पहुंचा दी गई है। खाने के साथ साथ संचार की चीजें भी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि जो मजदूर फंसे हैं, उनके परिवारों को भी स्थानीय होटल में ठहराया गया है। कुछ परिवारों को फंसे मजदूरों से बात भी करवाई गई है।

NI Desk

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