नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के आठवें दिन सोमवार को भी संसद में विपक्षी पार्टियों का हंगामा जारी रहा। मणिपुर पर चर्चा औ प्रधानमंत्री के बयान देने की मांग करते हुए विपक्षी पार्टियों ने सोमवार को हंगामा किया, जिसकी वजह से कार्यवाही शुरू होने के थोड़ी देर बाद ही दोनों सदनों को मंगलवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया गया। विपक्ष के हंगामे की वजह से सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ा विधेयक नहीं लोकसभा में नहीं पेश किया गया। इसे मंगलवार को पेश किया जाएगा।
उधर राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन में मणिपुर मुद्दे पर अल्पकालिक चर्चा को मंजूरी दे दी। लेकिन विपक्ष ने मणिपुर पर अल्पकालिक चर्चा को लेकर आपत्ति जताई और हंगामा किया, जिसके कारण राज्यसभा मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई। लोकसभा में भी मणिपुर पर प्रधानमंत्री मोदी के बयान की मांग को लेकर विपक्ष अड़ा रहा। इस वजह से दिल्ली सर्विसेज बिल सदन में पेश नहीं किया जा सका।
बाद में संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि दिल्ली सर्विसेज बिल सदन में पेश नहीं किया गया। इस बिल को मंगलवार को सदन के पटल पर रखा जाएगा। गौरतलब है कि बिल को 25 जुलाई को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल गई थी। इस बीच सरकार ने साफ कर दिया कि राज्यसभा में नियम 176 के तहत अल्पकालिक चर्चा होगी। सरकार के खिलाफ विपक्ष की ओर से पेश किए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए मंगलवार को समय तय किया जाएगा।
सोमवार सुबह राज्यसभा में मणिपुर मुद्दा उठा तो सरकार ने कहा कि वह इस पर आज ही चर्चा को तैयार है। सरकार ने भोजनावकाश के बाद दो बजे इस पर चर्चा की घोषणा कर दी। पर विपक्ष ने अल्पकालिक चर्चा का विरोध किया। इस पर राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि विपक्ष चर्चा से भाग रहा है, वो सच को सामने नहीं आने दे रहा है। दूसरी ओर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की तरह एनडीए को भी मणिपुर में जाकर जमीनी हकीकत देखने की जरूरत है। गौरतलब है कि विपक्षी गठबंधन के 21 सांसद दो दिन के मणिपुर दौरे पर गए थे।