नई दिल्ली। विपक्ष के कई नेताओं ने आरोप लगाया है कि सरकार उनकी जासूसी करने के लिए उनके आईफोन को हैक कर रही है। विपक्षी नेताओं ने एप्पल कंपनी की ओर से भेजे गए नोटिफिकेशन के आधार पर यह आरोप लगाया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस सांसद शशि थरूर, कांग्रेस के मीडिया प्रभारी पवन खेड़ा, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा, शिव सेना उद्धव ठाकरे गुट की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी, ऑल इंडिया एमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी सहित कई अन्य लोगों को भी एप्पल कंपनी की ओर से फोन हैंकिंग के प्रयास का नोटिफिकेशन मिला है।
नेताओं ने दावा किया है कि खुद एप्पल कंपनी ने मैसेज भेज कर हैकिंग की कोशिश की जानकारी उनके साथ साझा की है। सांसदों और अन्य लोगों ने सोशल मीडिया में एप्पल की ओर से भेजे गए नोटिफिकेशन के स्क्रीनशॉट्स शेयर किए हैं। इस नोटिफिकेशन में कहा गया है कि राज्य प्रायोजित हैकर्स ने फोन हैक करने की कोशिश की है। हालांकि, बाद में एप्पल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि वह किसी विशेष राज्य प्रायोजित हैकर की बात नहीं कर सकते। उसने यह भी कहा कि संभव है कि एप्पल की कुछ सूचनाएं झूठी चेतावनी हो सकती हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कार्यालय में भी तीन लोगों को इसी तरह के संदेश मिले हैं। विपक्ष का फोन हैक करने के प्रयासों की खबर आने के बाद राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस भी की और केंद्र सरकार पर हमला किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार चाहे तो उनका फोन ले जा सकती है। उनको कोई फर्क नहीं पड़ता। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कुछ स्क्रीनशॉट शेयर किए और लिखा कि ये स्क्रीनशॉट उन्हें एक एप्पल आईडी से मिले हैं, जिसे उन्होंने वेरिफाई किया है। उन्होंने कहा कि ये ई-मेल सही हैं। थरूर ने कहा- मुझे खुशी है कि कुछ खाली बैठे सरकारी मुलाजिम मेरे जैसे टैक्सपेयर्स की जासूसी में बिजी हैं। उनके पास करने के लिए कुछ और नहीं है। विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी इसे लेकर केंद्र पर हमला किया।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले इजराइल के जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस के जरिए विपक्षी नेताओं की जासूसी किए जाने की खबर आई थी। हालांकि उस समय आरोप लगाने वाले ज्यादातर नेताओं ने जांच के लिए अपना फोन सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाई गई तकनीकी समिति के सामने पेश नहीं किए थे। पेगासस के बाद आईफोन हैक किए जाने को लेकर विपक्ष ने कहा कि आम चुनावों से पहले विपक्षी नेताओं की इस तरह की जासूसी की जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।