Sunday

06-04-2025 Vol 19

Long sitting hours: चौंकाने वाली है WHO की ये रिपोर्ट, जल्दी मौत की वजह बन सकती है आपकी ये आदत

Long sitting hours : जॉब करने वाले लोगों का अधिकतर समय ऑफिस में कुर्सी पर बैठे निकलता है. अधिकतर हम ऑफिस में 8 से 9 घंटे चेयर पर बैठकर बिताते हैं। इस पर ताइवाइन की एक कंपनी Jama Network Open ने एक Research पब्लिश किया है.

(can you die from sitting too long) जिसमें समाने आया कि पूरे दिन या जो लोग अपना अधिकतर समय कुर्सी पर बैठकर बिताते हैं उनका 16 प्रतिशत मौत का खतरा अधिक है। और ये खतरा पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में अधिक है। 

Jama Network Open ने यह Research ताइवान के करीब 4,81,688 लोगों पर किया.जो लोग अपनी कुर्सी पर चिपके रहते थे, उनके दिल से संबंधित बीमारी से मरने का खतरा 34 प्रतिशत ज्यादा था और सभी कारणों से होने वाली मौत की संभावना लगभग 16 प्रतिशत बढ़ी हुई पाई गई.

ज्यादा देर तक बैठे रहने से होती हैं ये बीमारियां Side Effects of Long sitting hours

 रिसर्च में पाया कि  ज्यादा देर तक कुर्सी पर बैठे रहने से हमारा स्वास्थ्य गड़बड़ाने लगता है. ऐसे में हमें मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हाई शुगर लेवल, पेट की चर्बी, कोलेस्ट्रॉल का स्तर (Side Effects of Long sitting hours) जैसी समस्याएं होने लगती हैं. जब हम बैठे होते हैं, तो हम अपने पैरों से बोझ डालते हैं लेकिन हमारे स्वास्थ्य पर बोझ डाल रहा है. हमारे शरीर को चलने-फिरने के लिए डिज़ाइन किया गया है, और जब हम ऐसा नहीं करते हैं, तो चीजें गड़बड़ होने लगती हैं.

(what are the side effects of sitting too long?) 

जब हम बैठे होते हैं, तो हम अपने पैरों से बोझ डालते हैं लेकिन हमारे स्वास्थ्य पर बोझ डाल रहा है. हमारे शरीर को चलने-फिरने के लिए डिज़ाइन किया गया है, और जब हम ऐसा नहीं करते हैं, तो चीजें गड़बड़ होने लगती हैं. मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हाई शुगर लेवल, पेट की चर्बी, कोलेस्ट्रॉल का स्तर ये सभी बहुत ज्यादा बैठने की वजह से होता है.

इतना ही नहीं रिसर्च से भी पता चला है कि (can you die from sitting too long) अगर आप बिना किसी फिजिकल एक्टिविटी के एक दिन में आठ घंटे से ज्यादा समय तक बैठे रहते हैं, तो आपके मरने का जोखिम मोटापे और धूम्रपान से पैदा हुए जोखिम के बराबर ही है.

WHO की रिपोर्ट में खुलासा- physical symptoms of sitting too much

WHO की रिपोर्ट के मुताबिक लंबे समय तक बैठने (Long sitting hours) से  कई गंभीर रोग शरीर में घर बना लेते हैं, लेकिन जो लोग शारीरिक रूप से सक्रिय (Physically active) हैं उनमें इस बीमारी के विकसित होने का खतरा बहुत कम हो जाता है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) की शारीरिक गतिविधि पर 2022 वैश्विक स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक दुनिया भर में 500 मिलियन लोग शारीरिक निष्क्रियता (Physical Inactivity) के कारण कई तरह की बीमारियों से पीड़ित होंगे. इसमें हृदय रोग (Heart Disease), मोटापा (Obesity), डायबिटीज (Diabetes) से लेकर रीढ़ की हड्डी (Spine Disease) और मेंटल हेल्थ (Mental Health) से जुड़ी बीमारियां शामिल हैं. इसमें यह भी कहा गया है कि गतिहीन जीवनशैली से होने वाली बीमारियों के इलाज और रोकथाम की लागत बढ़ने से लोगों का आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा.

शारीरिक गतिविधि न केवल हृदय और शरीर के लिए बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है. दुनिया भर में तीन चौथाई मौतें हृदय रोग, टाइप 2 मधुमेह और कैंसर के कारण होती हैं.

बचने के लिए करें ये उपाय- Prevention to disease causes of Long Sitting

जो लोग शारीरिक रूप से सक्रिय हैं उनमें इस बीमारी के विकसित होने का जोखिम बहुत कम हो जाता है. शारीरिक गतिविधि से मस्तिष्क बेहतर काम करता है, जिससे तर्कसंगत रूप से सोचने, नई चीजें सीखने की क्षमता बढ़ती है. डोपामाइन नामक हार्मोन निकलता है. इससे आनंद की अनुभूति होती है.

अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को अच्छा करने के लिए, WHO सुझाव देता है कि बड़ों के लिए प्रति सप्ताह 150 से 300 मिनट मध्यम एरोबिक व्यायाम और बच्चों और किशोरों के लिए प्रति दिन कम से कम 60 मिनट मध्यम एरोबिक व्यायाम करें.

अपनी फिजिकल हेल्थ को मजबूत करने के लिए व्यायाम ही नहीं बल्कि आप कई तरीके की गतिविधियों जैसे स्पोर्ट्स, फार्मिंग आदि.

 

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों  Latest News से अपडेट रहने के लिए आप Naya India की Website को Google पर फॉलो भी कर सकते हैं। जिससे आप Current Affairs, Political Update in Hindi, Opinion and Beauty or Life style update संबंधित जानकारी आपके फोन पर प्राप्त कर सकेंगे। 

Read Related Stories

मधुमेह संबंधी आंख व गुर्दे की बीमारी की जटिलताओं को रोक सकती है नई दवा

बढ़ती उम्र में दिमाग को हेल्दी रखने में मददगार हो सकता है म्यूजिक

 

 

 

Naya India

Naya India, A Hindi newspaper in India, was first printed on 16th May 2010. The beginning was independent – and produly continues to be- with no allegiance to any political party or corporate house. Started by Hari Shankar Vyas, a pioneering Journalist with more that 30 years experience, NAYA INDIA abides to the core principle of free and nonpartisan Journalism.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *