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04-04-2025 Vol 19

अपराध कानून में बदलाव का विधेयक मंजूर

नई दिल्ली। तीन आपराधिक कानूनों की जगह लेने वाले नए विधेयक को संसदीय समिति ने मंजूरी दे दी है। हालांकि संसदीय समिति में शामिल विपक्षी पार्टियां इससे सहमत नहीं थीं इसलिए उन्होंने अपनी असहमति का नोट भी साथ में जमा किया है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी, दंड प्रक्रिया संहिता यानी सीआरपीसी और एविडेंस एक्ट की जगह लेने वाले तीन नए कानून ला रही है। इसके तहत भारतीय दंड संहिता का नाम भारतीय न्याय संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता का नाम भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और एविडेंस एक्ट का नाम भारतीय साक्ष्य अधिनियम होगा।

इन विधेयकों को संसद में पेश किए जाने के बाद उन्हें गृह मंत्रालय की संसदीय समिति के पास भेज दिया गया था। इस पर आई रिपोर्ट को संसदीय समिति में मंजूर कर लिया है। इसके साथ ही विपक्षी सदस्यों ने भी अपनी असहमति वाले नोट भी जमा कर दिए हैं। इससे पहले 27 अक्टूबर को हुई बैठक में कमेटी ने मसौदा रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया था। कई विपक्षी सदस्यों ने मसौदा पढ़ने के लिए और समय मांगा था। कमेटी ने उनकी मांग मान ली थी।

बताया जा रहा है कि सोमवार यानी छह नवंबर की बैठक में इस रिपोर्ट को मंजूर कर लिया गया। इससे पहले कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम सहित विपक्षी सदस्यों ने कमेटी के अध्यक्ष बृज लाल से इस मसौदे पर फैसला करने के लिए दिए गए समय को तीन महीने बढ़ाने का आग्रह किया था। सदस्यों ने कहा था कि चुनावी लाभ के लिए इन विधेयकों को उछालना सही नहीं है।

गौरतलब है कि ये विधेयक 11 अगस्त को संसद में पेश किए गए थे। अगस्त में ही इससे जुड़ा मसौदा गृह मामलों की स्थायी समिति को भेजा गया था। कमेटी को ड्राफ्ट स्वीकार करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में 163 साल पुराने तीन कानूनों में बदलाव के बिल लोकसभा में पेश किए थे। सबसे बड़ा बदलाव राजद्रोह कानून को लेकर है, जिसे नए स्वरूप में लाया जाएगा। हालांकि उसमें भी कई प्रावधान पुराने कानूनों वाले ही हैं।

NI Desk

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