नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच सीधी उड़ान सेवा फिर से शुरू होगी और साथ ही इस साल गर्मियों में मानसरोवर की यात्रा भी पांच साल के बाद फिर से शुरू होगी। विदेश मंत्रालय की ओर से सोमवार को बताया गया है कि भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री की दो दिन की चीन यात्रा के दौरान मानसरोवर यात्रा शुरू करने और सीधी उड़ान शुरू करने पर सहमति बनी। साथ ही पत्रकारों और थिंकटैंक को वीजा देने और नदियों का डाटा शेयर करने पर भी सहमति बनी है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस यात्रा में चीन के विदेश मंत्री वांग यी और उप विदेश मंत्री सुन वेईडॉन्ग से मिले।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार को चीन के विदेश मंत्री मंत्री वांग यी से भी मुलाकात की थी। चीन के सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी विदेश मंत्री ने दोनों देशों के बीच आपसी समझ और सहयोग बढ़ाने के लिए ठोस उपाय करने की बात कही। चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों को आपसी संदेह, मनमुटाव और थकावट से बचना चाहिए। भारत और चीन के बीच अच्छे संबंध एशिया और विश्व की दो प्राचीन सभ्यताओं की शांति, स्थिरता, विकास और समृद्धि के लिए जरूरी हैं।
गौरतलब है कि वांग यी विदेश मंत्री होने के अलावा भारत और चीन बॉर्डर सिस्टम पर वार्ता के लिए चीन के विशेष प्रतिनिधि हैं। बहरहाल, चीन के विदेश मंत्री से मुलाकात में विदेश सचिव मिस्री ने कहा कि दोनों देशों ने लगातार संवाद के जरिए अपने विवादित मुद्दों को बेहतर तरीके से मैनेज किया। जल्दी ही भारत और चीन के बीच कूटनीतिक संबंधों के 75 साल पूरे होने वाले हैं। विक्रम मिस्री ने कहा, ‘हम इन संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ को संयुक्त रूप से मनाने के लिए चीन के साथ काम करने को तैयार हैं’।
इससे पहले रविवार को भारतीय विदेश सचिव ने बीजिंग में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के इंटरनेशनल डिपार्टमेंट हेड लियू जियानचाओ से मुलाकात की। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने लद्दाख सीमा संधि को लागू करने और आपसी संवाद को मजबूत करने के साथ साथ कई दोपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात की। गौरतलब है कि डेढ़ महीने से भी कम समय में यह भारत की तरफ से चीन की दूसरी हाई प्रोफाइल यात्रा है। इससे पहले भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल पिछले महीने भारत और चीन के बीच विशेष प्रतिनिधि स्तर की 23वीं बैठक में शामिल होने बीजिंग पहुंचे थे।