नई दिल्ली। पिछले काफी समय से खाली राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी एनएचआरसी के अध्यक्ष पद पर केंद्र सरकार ने नियुक्ति कर दी है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से रिटायर जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम को एनएचआरसी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। वे जस्टिस अरुण मिश्रा का कार्यकाल खत्म होने के बाद उनकी जगह लेंगे। पहले कहा जा रहा था कि हाल में रिटायर हुए चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को एनएचआरसी का अध्यक्ष बनाया जाएगा। हालांकि उन्होंने खुद इस तरह की खबरों का खंडन किया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति ने 18 दिसंबर 2024 को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अगले अध्यक्ष का चयन करने के लिए बैठक की थी। इसमें लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल हुए थे। हालांकि दोनों ने इस बात पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी कि उनको संभावित नामों की सूची पहले नहीं दी गई थी।
बहरहाल, जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम ने चेन्नई के रामकृष्ण मिशन, विवेकानंद कॉलेज से रसायन विज्ञान में ग्रेजुएट की डिग्री ली और फिर मद्रास लॉ कॉलेज में कानून की पढ़ाई की थी। उन्होंने मद्रास हाई कोर्ट में करीब 23 साल तक वकालत की। जस्टिस रामसुब्रमण्यम को 31 जुलाई, 2006 को मद्रास हाई कोर्ट के एडिशनल जज के रूप में नियुक्त किया गया और नौ नवंबर 2009 को वे स्थायी जज बने थे। के रूप में नियुक्त किया गया। जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम ने 22 जून, 2019 को हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली थी। 23 सितंबर, 2019 को वे भारत के सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त हुए थे, जहां से 65 साल की उम्र में वे पिछले साल 29 जून को रिटायर हुए थे।