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03-04-2025 Vol 19

भारत ने खारिज की ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट

नई दिल्ली। भारत सरकार की कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी एचएएल द्वारा रूस के हथियार की आपूर्ति करने वाली प्रतिबंधित कंपनी को संवेदनशील उपकरण और तकनीक बेचने की अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट को भारत ने खारिज किया है।

अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत सरकार की एयरोस्पेस एंड डिफेंस कंपनी, एचएएल  ने संवेदनशील उपकरण और प्रौद्योगिकी रूस को हथियार सप्लाई करने वाली ब्लैक लिस्टेड एजेंसी को बेची। इसका सैन्य उपयोग हो सकता है।

भारत ने न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट को भ्रामक बताया

भारत ने इस रिपोर्ट पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि रिपोर्ट तथ्यों पर आधारित नहीं है और गलत व भ्रामक है। भारत ने कहा है कि इसमें राजनीतिक नैरेटिव के अनुसार मुद्दों को गढ़ने और तथ्यों को गलत बताने की कोशिश की गई है। विदेश मंत्रालय ने कहा है, ‘रिपोर्ट में बताई गई भारतीय इकाई ने स्ट्रेटेजिक ट्रेड कंट्रोल और एंड यूजर कमिटमेंट्स पर सभी अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का ईमानदारी से पालन किया है’।

विदेश मंत्रालय ने कहा है, ‘स्ट्रेटेजिक ट्रेड पर भारत के पास मजबूत कानूनी और नियामक ढांचा है। यह कंपनियों के विदेशी वाणिज्यिक उपक्रमों को निर्देशित करता है। मीडिया संस्थानों से आग्रह है कि ऐसी रिपोर्ट प्रकाशित करते समय बुनियादी सावधानी बरतें, जिसे इस मामले में नजरअंदाज कर दिया गया’।

असल में 28 मार्च को ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने एक लेख प्रकाशित किया। इसमें कहा गया कि रिफॉर्म यूके पार्टी के प्रमुख दानदाता ने हथियारों में इस्तेमाल होने वाले हिस्सों को रूसी सप्लायर को बेचा। रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटिश एयरोस्पेस निर्माता एचआर स्मिथ समूह ने एचएएल के जरिए करीब दो मिलियन डॉलर यानी 17.08 करोड़ रुपए के ट्रांसमीटर, कॉकपिट उपकरण और अन्य संवेदनशील तकनीक भेजी थी।

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Pic Credit : ANI

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