नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा में हार की समीक्षा की है। चुनाव नतीजों के दो दिन बाद गुरुवार, 10 अक्टूबर को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई, जिसमें हार के कारणों की समीक्षा की गई। गौरतलब है कि नतीजों के तुरंत बाद से कांग्रेस ने कहना शुरू किया था कि वह तंत्र के कारण हारा है यानी सिस्टम ने उसको हरवाया है। कांग्रेस ने ईवीएम पर भी सवाल उठाया है और इसकी शिकायत भी चुनाव आयोग से की है। लेकिन गुरुवार की बैठक में हार के अन्य कारणों की समीक्षा की गई।
जानकार सूत्रों के मुताबिक बैठक में पार्टी नेताओं के आपसी झगड़े और एक दूसरे को हरवाने के लिए हुए भितरघात पर भी चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी कांग्रेस के कई नेताओं से बहुत नाराज हैं। सूत्रों के मुताबिक बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि हरियाणा में नेताओं का निजी हित ऊपर रहा, इस कारण पार्टी का हित नीचे चला गया। बैठक में तय किया गया कि हार के कारणों को जानने के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई जा रही है, जो हरियाणा में जाकर नेताओं से चर्चा करके रिपोर्ट हाईकमान को सौपेंगी। हालांकि अभी यह तय नहीं हो पाया है कि कमेटी में कौन कौन नेता शामिल किए जाएंगे।
खड़गे के आवास पर हुई इस बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव और हरियाणा के प्रभारी अजय माकन ने बताया कि कांग्रेस की हार के कई कारण हैं। उन्होंने माना कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी सैलजा के मतभेदों की वजह से पार्टी को नुकसान हुआ। माकन ने हुड्डा और सैलजा के मतभेद के सवाल पर कहा कि हार के बहुत सारे कारण हैं, जो चुनाव आयोग से लेकर नेताओं के मतभेद तक हैं। इन्हीं सब कारणों पर चर्चा हुई और आगे भी चर्चा करेंगे।
माकन ने हरियाणा के नतीजे को अप्रत्याशित बताते हुए हैरानी जताई और कहा- इतना बड़ा उलटफेर, एक्जिट पोल जो कह रहे थे, बड़े से बड़ा सर्वे जो कह रहा था, सभी के सभी एक साथ गलत साबित कैसे हो सकते हैं? उन्होंने कहा- आधे घंटे की मीटिंग में इस मामले में किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंचा जा सकता है। आज की मीटिंग में हमने आगे की रणनीति पर चर्चा की है। आगे जो भी होगा, उसकी जानकारी केसी वेणुगोपाल देंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष के आवास पर हुई इस मीटिंग में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष उदयभान को भी बुलाया गया था, लेकिन वे नहीं आए। लेकिन इस मीटिंग में सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा और राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला को नहीं बुलाया गया था। गौरतलब है कि पूरे चुनाव में कांग्रेस की गुटबाजी दिखती रही थी लेकिन चुनाव के बाद तो यह गुटबाजी खुल कर सामने आ गई है। कुमारी सैलजा के समर्थकों ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ मोर्चा खोला है और हार के लिए उनको जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।