मदुरै। देश की सबसे बड़ी कम्युनिस्ट पार्टी सीपीएम की पार्टी कांग्रेस मदुरै में चल रही है। दो से छह अप्रैल तक चलने वाले इस अधिवेशन में चार अप्रैल को राजनीतिक प्रस्ताव पर चर्चा पूरी हुई। 36 सदस्यों ने इस प्रस्ताव पर चर्चा की। इसके अलावा तीन अप्रैल को पांच प्रस्ताव पेश किए गए, जिन्हें मंजूर कर लिया गया। सीपीएम की पार्टी कांग्रेस में ‘एक देश, एक चुनाव’ के विरोध में प्रस्ताव लाया गया। इसके अलावा लोकसभा सीटों के प्रस्तावित परिसीमन के खिलाफ भी एक प्रस्ताव मंजूर किया गया। पार्टी कांग्रेस में नए महासचिव का चुनाव भी किया जाएगा। सीताराम येचुरी के अचानक निधन के बाद प्रकाश करात कार्यकारी महासचिव के तौर पर काम कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल सीपीएम के नेता और पोलित ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद सलीम ने एक प्रस्ताव पेश किया, जिसमें केरल की एलडीएफ सरकार का समर्थन किया गया था। त्रिपुरा के नेता जितेंद्र चौधरी ने इसका समर्थन किया। परिसीमन के खिलाफ पोलित ब्यूरो के सदस्य जी रामाकृष्णन ने प्रस्ताव पेश किया, जिसका समर्थन हिमाचल प्रदेश के नेता संजय चौहान ने इसका समर्थन किया। सीपीएम की पार्टी कांग्रेस में तत्काल जनगणना कराने और उसके साथ ही जाति गणना कराने का प्रस्ताव भी पेश हुए। इसे पार्टी की सेंट्रल कमेटी के सदस्य अवधेश कुमार ने पेश किया।
‘एक देश, एक चुनाव’ के खिलाफ सीपीएम की पोलित ब्यूरो के सदस्य अशोक धवले ने प्रस्ताव पेश किया। सीपीएम ने चुनाव आयोग को लेकर भी एक प्रस्ताव पास किया। इसमें स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव कराने और सभी पार्टियों के लिए बराबरी का मैदान सुनिश्चित करने की अपील की गई है। पार्टी की पोलित ब्यूरो के सदस्य नीलोत्पल बसु ने इसे पेश किया। इन सभी प्रस्तावों को मंजूर कर लिया गया है। फिलस्तीन के लोगों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए एक विशेष प्रस्ताव भी लाया गया।