नई दिल्ली। पूर्व मुख्यमंत्री और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने अरविंद केजरीवाल सरकार की शराब नीति का बचाव किया है। उन्होंने सीएजी रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उससे पहले जो शराब नीति चल रही थी वह खराब थी और इस बात की पुष्टि सीएजी की रिपोर्ट में भी की गई है।
आतिशी ने कहा, ‘रिपोर्ट में एक अध्याय नई आबकारी नीति पर है। दिल्ली सरकार ने पुरानी आबकारी नीति की खामियों और भ्रष्टाचार को दिल्ली की जनता के सामने उजागर किया था। उस नीति के तहत हरियाणा और यूपी से अवैध रूप से शराब लाई जाती थी। यह रिपोर्ट वही बात दोहरा रही है जो हमने कहा था कि पुरानी नीति के कारण दिल्ली की जनता को घाटा हो रहा है। इस नीति से यह स्पष्ट होता है कि पुरानी नीति को हटाकर आप सरकार ने सही फैसला लिया’।
आतिशी ने आगे कहा, ‘इस रिपोर्ट के आठवें अध्याय में कहा गया है कि नई नीति पारदर्शी थी, इसमें कालाबाजारी रोकने के उपाय थे और इसके जरिए राजस्व में वृद्धि होनी चाहिए थी’। ‘जब यही नीति पंजाब में लागू की गई, तो वहां आबकारी राजस्व में वृद्धि हुई। इस नीति के कारण 2021 से 2025 तक राजस्व में 65 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट कहती है कि अगर नई नीति सही तरीके से लागू होती, तो राजस्व एक साल में ही 4,108 करोड़ से बढ़कर 8,911 करोड़ हो जाता। यह नई नीति लागू नहीं की गई, इसलिए 2,000 करोड़ रुपए कम राजस्व आया’।
उन्होंने कहा, ‘इसकी जांच होनी चाहिए कि इसे किसने लागू नहीं होने दिया। इसके लिए तीन लोग जिम्मेदार हैं- दिल्ली LG, CBI और ED। यह नीति स्पष्ट करती है कि आप सरकार ने पुरानी नीति को हटाकर सही निर्णय लिया। हम मांग करते हैं कि इस CAG रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज कर जांच कराई जाए और कार्रवाई की जाए। इस रिपोर्ट ने हमारी बात को पुख्ता कर दिया कि शराब की बिक्री में भ्रष्टाचार था’।