Thursday

03-04-2025 Vol 19

Rakshabandhan 2024: भाई-बहन के प्यार पर इस बार फिर लगेगा भद्रा, जानें राखी बांधने का सही समय

Rakshabandhan 2024: हिन्दू धर्म में हर त्योहार का विशेष होता है। हर त्योहार बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। हर साल सावन की पूर्णिमा तिथि के दिन Rakshabandhan का त्योहार मनाया जाता है। ये पर्व भाई-बहन के प्रेम को समर्पित है। ये भाई-बहन के प्रेम के अटूट रिश्ते का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती हैं और भाई की लंबी उम्र की कामना करती हैं।

Rakshabandhan सिर्फ एक त्योहार ही नहीं है बल्कि ये भाई-बहने के बीच के संबंध को और मजबूत करने का एक जरिया है। ऐसी मान्यता है कि ये त्योहार अब सिर्फ भाई-बहनों के बीच तक की सीमित नहीं रहा है। ये रिश्तेदार, दोस्तों और समाज के बीच प्रेम और भाईचारे का भी प्रतीक बन गया है। जानें इस बार Rakshabandhan का त्योहार किस दिन मनाया जाएगा और राखी बांधने का शुभ मुहूर्त।

अगस्त में Rakshabandhan कब मनाया जाएगा?

हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल सावन की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को Rakshabandhan का त्योहार मनाया जाता है। इस साल Rakshabandhan पर्व 19 अगस्त को मनाया जाएगा। बता दें कि पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 19 अगस्त प्रातः 3 बजकर 04 मिनट पर शुरू हो रही है और इसका समापन देर रात 11 बजकर 55 मिनट पर होगा।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार राखी बांधने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 20 मिनट से लेकर रात्रि 9 बजकर 07 मिनट तक बताया जा रहा है। राखी बांधने के लिए कुल 7 घंटे 37 मिनट का समय रहेगा। बता दें कि इस बार पूर्णिमा तिथि के शुरू होते ही भद्रा की शुरुआत हो जाएगी। शास्त्रों में भद्रा को अशुभ माना गया है। कोई भी शुभ काम भद्रा में करने की मना ही होती है। बता दें कि 19 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 20 मिनट पर भद्रा समाप्त होगी उसके बाद ही बहनें भाईयों के राखी बांध सकती हैं।

Read more: कावड़ यात्रियों के लिए अभिशाप है यह पेड़, नीचे से निकलने से यात्रा होती है खंडित

Disclaimer: यहाँ दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं कर सकते है।

NI Desk

Under the visionary leadership of Harishankar Vyas, Shruti Vyas, and Ajit Dwivedi, the Nayaindia desk brings together a dynamic team dedicated to reporting on social and political issues worldwide.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *