कौशाम्बी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में एक जनसभा को संबोधित किया और कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्षी पार्टियों को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता जाने की वजह से संसद की कार्यवाही बाधित की गई। अमित शाह ने कहा कि देश में लोकतंत्र खतरे में नहीं है, बल्कि परिवारवाद की राजनीति खतरे में है। उन्होंने सभा में मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी तारीफ की।
अमित शाह और राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को कौशाम्बी पहुंचे थे, जहां उन्होंने कौशाम्बी महोत्सव का उद्घाटन किया। इस मौके पर राज्य के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद थे। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा- देश में पहले ऐसा कभी नहीं हुआ कि लोकसभा का बजट सत्र बिना एक भी बहस के खत्म हो गया। विपक्ष के नेताओं ने संसद को चलने नहीं दिया। कारण यह कि राहुल गांधी को अयोग्य घोषित कर दिया गया।
अमित शाह ने राहुल गांधी के मामले को लेकर कहा- मैं राहुल गांधी को कहना चाहता हूं कि कानून का पालन करना हर नागरिक का धर्म होता, आप तो सांसद थे। इस सजा को चुनौती देते, अदालत में लड़ते लेकिन आपने संसदीय कार्यवाही की बली चढ़ा दी है। शाह ने कहा- इस देश की जनता आपको कभी माफ नहीं करेगी। क्या इस देश के किसी भी नेता को विदेश में जाकर भारत की बुराई करनी चाहिए? अरे यहां खुला मैदान पड़ा है। मैदान तुम तय कर लो, बीजेपी वाले दो-दो हाथ करने को तैयार हैं। हम डरते नहीं हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस के आरोप का जवाब देते हुए कहा- वो कहते हैं कि लोकतंत्र खतरे में है। लेकिन लोकतंत्र नहीं आपका परिवार खतरे में है। आइडिया ऑफ इंडिया नहीं आइडिया ऑफ डायनेस्टी, परिवारवाद की राजनीति खतरे में है। आपके परिवार की ऑटोक्रेसी खतरे में है। नेहरू गांधी परिवार पर हमला करते हुए उन्होंने कहा- आपने इस देश के लोकतंत्र को जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टिकरण के तीन मानकों से घेर कर रखा था। पीएम मोदी ने जातिवाद समाप्त किया। सपा-बसपा अब दूर-दूर तक नहीं है। उन्होंने परिवारवाद और तुष्टिकरण को भी समाप्त किया। इस कारण आप डरे हुए हैं।