मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने भले मराठाओं को 10 फीसदी आरक्षण देने का विधेयक विधानसभा से पास करा दिया है लेकिन आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे पाटिल ने इससे असहमति जताई है और फिर से आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने 24 फरवरी को फिर से राज्य में आंदोलन करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा यह सरकार निजाम और अंग्रेजों से भी बुरी है। इसलिए इस बार बच्चे और बुजुर्ग भी आंदोलन में शामिल होंगे। अगर एक भी बुजुर्ग की मौत होती है तो सरकार इसके लिए जिम्मेदार होगी।
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मनोज जरांगे पाटिल ने चुनाव आयोग से चुनाव नहीं करवाने का अनुरोध किया है। उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई नेता लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार करने आता है तो उसकी गाड़ी कब्जे में ले लो। गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा में मंगलवार 20 फरवरी को मराठाओं को 10 फीसदी आरक्षण देने का बिल पास हो गया। मराठा आरक्षण बिल पारित होने से मराठाओं को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा। इसके बाद राज्य में आरक्षण की सीमा बढ़ कर 62 फीसदी हो जाएगी।
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इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मई 2021 में मराठा समुदाय को अलग से आरक्षण देने के फैसले को रद्द कर दिया था, क्योंकि आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से ऊपर हो गई थी। इसका हवाला देते हुए मनोज जरांगे पाटिल ने कहा कि इसमें मराठाओं की मांग को पूरा नहीं किया गया है। आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत के ऊपर हो जाएगी तो सुप्रीम कोर्ट इसे रद्द कर देगा। हमें ऐसा आरक्षण चाहिए जो ओबीसी कोटे से हो और 50 प्रतिशत के नीचे रहे।