भोपाल। पहले राजनीतिक दल घोषणा पत्र जारी किया करते थे लेकिन समय के साथ विश्वास बढ़ाने के लिए भाजपा ने अपने घोषणा पत्र को संकल्प पत्र और कांग्रेस ने वचन पत्र नाम दिया और अब इन पत्रों को भी सरकार बनाने का माध्यम बनाए जाने लगा है। इस कारण इनमें लोक लुभावना घोषणाओं की भरमार होती है। कांग्रेस ने मंगलवार को अपने वचन पत्र में किसानों, युवाओं, महिलाओं, कर्मचारी को साधने के साथ-साथ सामाजिक न्याय और हिंदुत्व का तड़का भी लगाया है एक तरह से वचन पत्र में बाजीगिरी दिखाई गई है।
दरअसल, समय के साथ चुनाव अभियान में भी भारी परिवर्तन आया है। अब वही दल चुनाव जीत सकता है जो प्रत्येक वर्ग का ध्यान रखें और प्रत्येक मोर्चे पर बढ़त बनाने की कोशिश करें। किसी भी चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण है राजनीतिक दल और उसकी उम्मीदवार की समाज में अच्छी छवि होना। फिर बूथ पर मजबूत कार्यकर्ताओं की टीम होना, प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व का प्रभावी होना और सरकार में आने के बाद पार्टी क्या काम करेगी। इसका भी आकर्षक होना जरूरी हो गया है। खासकर आप पार्टी ने जिस तरह से आकर्षक घोषणाओं की दम पर ही दिल्ली और पंजाब में सरकार बनाने में सफलता प्राप्त की। उसके बाद अन्य राज्यों में भी अब इसी तरह की घोषणाएं राजनीतिक दल करने लगे हैं। हिमाचल प्रदेश कर्नाटक में भी यही सब हुआ। हालांकि इसके पहले 2018 के विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी आकर्षक घोषणाओं की लंबी श्रृंखला थी। भाजपा तो यहां तक कहती रही है कि किसान कर्ज माफी कि कांग्रेस की घोषणा से उसे सरकार से बाहर होना पड़ा था।
बहरहाल, विधानसभा चुनाव 2023 के लिए कांग्रेस पार्टी ने अपना वचन पत्र जारी कर दिया है जिसमें एक बार फिर 2 लाख तक के किसानों के कर्ज माफी करने की घोषणा की गई है। साथ ही गेहूं का 2600 और धान का 2500 समर्थन मूल्य देने की बात की गई है। इसके अलावा इंदिरा किसान ज्योति योजना सिंचाई फसलों की रक्षा बीमा शुद्ध का युद्ध अभियान कृषि उपज मंदिरों का आधुनिकरण कृषि उद्योग व्यापार और निर्यात गौ सेवा के तहत 2 रु. किलो की दर से गोबर खरीदने जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल की गई है। इसके अलावा युवाओं को आकर्षित करने के लिए 2 लाख से अधिक सरकार के रिक्त पदों की भर्तियों के लिए वार्षिक कैलेंडर जारी करने की घोषणा की गई है। ग्राम पंचायत स्तर के एक लाख नवीन पद सृजत कर भर्ती करेंगे। छात्र संघ चुनाव कराने की भी घोषणा की गई है। महिलाओं के लिए 1500 नारी सम्मान और रसोई गैस सिलेंडर 500 में देने की घोषणा के अलावा और भी बहुत कुछ कहा गया है। सामाजिक न्याय और कर्मचारियों के हितों में भी महत्वपूर्ण काम करने की घोषणा की गई है। साथ ही आस्था के केंद्र माने जाने वाले स्थान को भी कुछ करने का वादा किया गया है।
कुल मिलाकर कांग्रेस ने अपने वचन पत्र के माध्यम से और सब बातों को पूरा करने का ऐलान किया है जिनकी वह चर्चा इसलिए कुछ दिनों से कर रही है और हाल ही में विद्यार्थियों के लिए प्रियंका गांधी द्वारा की गई छात्रवृत्ति योजना को भी शामिल किया गया है। जातिगत जनगणना, ओबीसी आरक्षण और पुरानी पेंशन बहाली का भी वादा किया गया है। जाहिर है कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में लगभग सभी वर्गों को छूने का प्रयास किया है और आकर्षक योजनाओं की घोषणा की है। अब भाजपा के संकल्प पत्र के आने की बारी है जिसमें वह किस तरह से योजनाओं को आकर्षक बनाकर घोषित करती है। उसी से पता चलेगा कि कांग्रेस का वचन पत्र और भाजपा के संकल्प पत्र में से जनता किसे पसंद करती है।