जम्मू। जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (High Court Bar Association) की जम्मू शाखा ने केंद्र शासित प्रदेश में संपत्ति कर लगाने के खिलाफ गुरुवार को एक दिन के लिए काम बंद रखने का ऐलान किया है। जम्मू चैप्टर (शाखा) के अध्यक्ष एमके भारद्वाज (MK Bhardwaj) ने उपराज्यपाल के नेतृत्व वाले प्रशासन के फैसले को जनविरोधी और टैक्स आतंकवाद बताते हुए कहा, हम प्रशासन की गलत नीतियों के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों पर संपत्ति कर लगाने की कड़ी निंदा करते हैं।
ये भी पढ़ें- http://आईएएस अधिकारी की मुंबई के होटल में मौत
हमारे पास एक अतिक्रमण विरोधी अभियान (Anti Encroachment Drive) है जहां दशकों से जमीन पर काबिज लोगों को उनकी जमीन से वंचित किया जाता है। इस तरह के अहम फैसले उपराज्यपाल प्रशासन के बजाय एक निर्वाचित सरकार के लिए छोड़ दिए जाने चाहिए थे। सरकार को तुरंत राज्य का दर्जा बहाल करना चाहिए और विधानसभा चुनाव कराने चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश सरकार ने हाल ही में शहरी संपत्ति टैक्स लगाने का ऐलान किया जो 1 अप्रैल से लागू होगा। भारतीय जनता पार्टी (BJP) को छोड़कर सभी राजनीतिक दलों ने इस फैसले का विरोध किया है। (आईएएनएस)