नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के बाहर गुरुवार को आम आदमी पार्टी के विधायकों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनको विधानसभा के अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। गौरतलब है कि स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने आप के 22 में से 21 विधायकों को तीन दिन के लिए सदन से निलंबित कर दिया है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी भी शामिल हैं। निलंबन के विरोध में गुरुवार को आम आदमी पार्टी के 22 विधायकों ने छह घंटे से ज्यादा प्रदर्शन किया। आप विधायकों ने इस मसले पर राष्ट्रपति से भी शिकायत करने का फैसला किया है और मिलने का समय मांगा है।
गौरतलब है कि 25 फरवरी को उप राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान आप विधायकों ने नारेबाजी की। उन्होंने मुख्यमंत्री के चैम्बर से भगत सिंह और भीमराव अंबेडकर की तस्वीर हटाए जाने का मुद्दा उठा रहे थे। इसके बाद स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने 22 विधायकों में से 21 को तीन दिन के लिए निलंबित कर दिया था। उसके अगले दिन यानी मंगलवार को महाशिवरात्रि का अवकाश था। उसके अगले दिन गुरुवार को नेता विपक्ष आतिशी ने कहा, ‘देश के इतिहास में पहली बार विधायकों को विधानसभा जाने से रोका जा रहा है। आज का दिन लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन के रूप में जाना जाएगा। आप ने यह मुद्दा राष्ट्रपति के सामने उठाने के लिए कल मिलने का समय मांगा है’।
इस बीच विपक्ष की गैरहाजिरी में सदन के अंदर विपक्ष के भाजपा ने छह बार के अपने विधायक मोहन सिंह बिष्ट को विधानसभा का डिप्टी स्पीकर चुना। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसका समर्थन किया। बिष्ट मुस्तफाबाद से विधायक हैं। वे पहले करावल नगर सीट से विधायक होते थे, जहां इस बार भाजपा ने कपिल मिश्रा को टिकट दिया था।
इस बीच दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा, ‘शीशमहल की जांच होगी। पिछली सरकार की तरफ से फॉलोअप नहीं होने की वजह से कई प्रोजेक्ट्स की लागत दोगुनी हो गई है। हम दो हजार करोड़ रुपए के शराब नीति घोटाले पर सदन में चर्चा करेंगे’। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 25 फरवरी को सदन में दिल्ली शराब नीति पर सीएजी की रिपोर्ट पेश की थी। इसमें आप की गलत शराब नीति की वजह से 2002 करोड़ रुपए नुकसान की बात सामने आई थी। इसके बाद स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा था कि इसकी जांच के लिए लोक लेखा समिति करेगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।