Loading... Please wait...

इंटरनेशनल बिज़नस में करियर

इंटरनेशनल बिजनेस ऑपरेशन्स में कोर्स करने का लक्ष्य स्टूडेंट्स को दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं के बारे में जानकारी देना है। ग्लोबलाइजेशन के समय में चीन, जापान और भारत जैसे अन्य कई देश एक-दूसरे के साथ ट्रेड रिलेशन्स और धन-संबंधी सहायता से जुड़े हैं। इंटरनेशनल बिजनेस कोर्स का मूल उद्देश्य स्टूडेंट्स को आजकल के बिजनेस परिवेश में विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्थाओं की परस्पर निर्भरता और आपसी संबधों के बारे में जानकारी देना है।

इंटरनेशनल बिजनेस  में कोर्सेज के प्रकार और अवधि

इंटरनेशनल बिजनेस की फील्ड में कई कोर्सेज उपलब्ध हैं जो 10+2 क्लास पास करने के बाद किये जा सकते हैं। इन कोर्सेज का मकसद स्टूडेंट्स को वर्तमान परिवेश में इंटरनेशनल बिजनेस स्वरूप के बारे में जानकारी देना है। इंटरनेशनल बिजनेस में डिप्लोमा आप 10वीं और 12वीं क्लास पास करने के बाद कर सकते हैं। अंडरग्रेजुएट कोर्स को आमतौर पर इंटरनेशनल बिजनेस में बीबीए या इंटरनेशनल बिजनेस में बीबीएम के नाम से जाना जाता है। इस अंडरग्रेजुएट कोर्स की अवधि 3 वर्ष की है। पोस्ट ग्रेजुएट लेवल पर इंटरनेशनल बिजनेस कोर्स को मास्टर ऑफ़ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (आईबी में एमबीए) या मास्टर ऑफ़ इंटरनेशनल बिजनेस (एमआईबी) के नाम से जाना जाता है। इस कोर्स की अवधि 2 वर्ष है। पोस्टग्रेजुएशन पूरी करने के बाद, आप इंटरनेशनल बिजनेस में पीएचडी कर सकते हैं। आमतौर पर डॉक्टोरल प्रोग्राम की अवधि 3-4 वर्ष है। यह अवधि यूनिवर्सिटी गाइडलाइन्स पर भी निर्भर करती है।

इंटरनेशनल बिजनेस (आईबी) इंस्टिट्यूट्स में एडमिशन कैसे लें?

जहां तक एडमिशन प्रोसेस का सवाल है, एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया और एंट्रेंस एग्जाम्स, दोनों ही आवश्यक हैं। इसलिये, किसी भी एंट्रेंस एग्जाम के लिए अप्लाई या नाम रजिस्टर करने से पहले, आप इसके एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को बहुत सावधानीपूर्वक पढ़ें। जब आपने डॉक्यूमेंट में उल्लिखित सभी शर्तों और नियमों को अच्छी तरह पढ़ और समझ लिया हो, केवल उसके बाद ही एग्जाम के लिए अप्लाई करें। बाद में डिसक्वालिफाई होने से बचने के लिए स्टूडेंट्स के लिए यह जरुरी है कि सभी जरुरी रिक्वायरमेंट्स पूरी करें।

एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

अंडरग्रेजुएट लेवल कोर्स किसी भी विषय से 10+2 क्लास पास करने के बाद किया जा सकता है। इंटरनेशनल बिजनेस में अंडरग्रेजुएट कोर्स करने के लिए स्टूडेंट्स ने 10+2 क्लास में अवश्य कम से कम 50% कुल मार्क्स प्राप्त किये हों। पोस्टग्रेजुएट कोर्स के लिए, स्टूडेंट ने किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी या कॉलेज से किसी भी विषय में कम से कम 50% कुल मार्क्स के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की हो।

डॉक्टोरल डिग्री करने के लिए, स्टूडेंट के पास किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी या कॉलेज से बिजनेस से संबद्ध किसी विषय में पोस्टग्रेजुएशन की डिग्री हो। इसके बाद इंटरनेशनल बिजनेस कोर्स में पीएचडी करवाने वाली किसी यूनिवर्सिटी या इंस्टिट्यूट द्वारा आयोजित एंट्रेंस एग्जाम देना होगा।

एंट्रेंस एग्जाम्स

यह एक बेसिक तरीका है जिससे स्टूडेंट का टेस्ट लिया जाता है कि वह उक्त कोर्स करने के लिए एकेडेमिक तौर पर फिट है या नहीं। इंटरनेशनल बिजनेस क्योंकि एक प्रोफेशनल कोर्स है, इसलिये विभिन्न यूनिवर्सिटीज और इंस्टिट्यूट्स के अपने एमबीए एंट्रेंस एग्जाम्स हैं जिनसे एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट के रैंक का पता चलता है। विभिन्न इंटरनेशनल बिजनेस कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए कुछ लोकप्रिय एंट्रेंस एग्जाम्स के बारे में आइये चर्चा करें:

अंडरग्रेजुएट डिग्री

• एनएमएटी (यूजी): एनएमआईएमएस मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट (अंडरग्रेजुएट)

• जीजीएसआईपीयू सीईटी: गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय कॉमन एंट्रेंस टेस्ट

• डीयू जेईटी: दिल्ली विश्वविद्यालय ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट

• क्राइस्ट यूनिवर्सिटी बीबीए एंट्रेंस एग्जाम

• एसईटी: सिम्बायोसिस एंट्रेंस टेस्ट

पोस्टग्रेजुएट डिग्री

• सीएटी

• एक्सएटी

• सीएमएटी

• आईआईएफटी

• एसएनएपी

डॉक्टोरल डिग्री

• डिपार्टमेंट ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज आईआईटी दिल्ली एंट्रेंस एग्जाम

• दिल्ली विश्वविद्यालय, फैकल्टी ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज एंट्रेंस एग्जाम

• इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ फॉरेन ट्रेड एंट्रेंस एग्जाम

• क्राइस्ट यूनिवर्सिटी एंट्रेंस एग्जाम

• नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंट्रेंस एग्जाम

इंटरनेशनल बिजनेस कोर्स के करियर प्रॉस्पेक्ट्स

इंटरनेशनल बिजनेस एक आशाजनक मैनेजमेंट फील्ड है जो आपको पूरे विश्व में ट्रेवल करने और सभी किस्म के क्लाइंट्स से इंटरैक्ट करने के अवसर देती है। यह डोमेन मैनेजमेंट के क्रॉस-कल्चरल आस्पेक्ट्स पर फोकस करता है।

आईबी मैनेजर्स के लिए लोकप्रिय जॉब प्रोफाइल्स

इंटरनेशनल बिजनेस में एमबीए करने के बाद और अपेक्षित अनुभव प्राप्त करके आप निम्नलिखित पोस्ट्स पर काम कर सकते हैं:

• एक्सपोर्ट मैनेजर्स एंड एग्जीक्यूटिव्स

• ग्लोबल बिजनेस मैनेजर

• इंटरनेशनल बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर

• इंटरनेशनल फाइनेंस मैनेजर

• इंटरनेशनल लोजिस्टिक्स मैनेजर

• इंटरनेशनल बिजनेस कंसलटेंट

• इंटरनेशनल ब्रांड मैनेजर

आईबी मैनेजर्स के लिए सैलरी प्रॉस्पेक्ट्स

मौजूदा समय में इंटरनेशनल फील्ड में स्पेशलाइजेशन करना काफी फायदेमंद है। आजकल विश्व एक ग्लोबल विलेज बन चुका है और सभी देशों की अर्थव्यवस्थाएं ट्रेड रिलेशन्स को बढ़ावा दे रही हैं और आपस में मधुर बिजनेस रिलेशन्स कायम कर रही हैं। इसलिये, इस फील्ड में विकास के ढेरों अवसर मौजूद हैं। इस फील्ड में जैसे-जैसे आपका कार्य-अनुभव बढ़ता है, ठीक वैसे-वैसे ही आपकी सैलरी भी बढ़ती जाती है। इंटरनेशनल बिजनेस की फील्ड में सैलरी प्रॉस्पेक्ट्स पर एक नजर डालें:

सैलरी

कार्य अनुभव के वर्ष            (रुपये)

1-4 वर्ष             2-3 लाख

5-9 वर्ष                                   3-6 लाख

10-20 वर्ष           7-13लाख

भारत में टॉप इंटरनेशनल बिजनेस इंस्टिट्यूट्स

  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट                 अहमदाबाद, बैंगलोर, कलकत्ता, लखनऊ, बॉम्बे, कोज़ीकोड
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी     खड़गपुर
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ फॉरेन ट्रेड      दिल्ली
  • ज़ेवियर लेबर रिलेशन्स इंस्टिट्यूट            जमशेदपुर
  • मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट        गुडगाँव
70 Views

बताएं अपनी राय!

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

© 2019 ANF Foundation
Maintained by Quantumsoftech