सपा व बसपा का बना एलायंस

लखनऊ। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश में एक साथ मिल कर लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा की अध्यक्ष मायावती ने एक साझा प्रेस कांफ्रेंस करके गठबंधन का ऐलान किया। गठबंधन फार्मूले के मुताबिक दोनों पार्टियां 38-38 सीटों पर लड़ेंगी। बाकी चार में से दो सीटें- रायबरेली और अमेठी, कांग्रेस के लिए छोड़ी गई हैं। दो सीटें अजित सिंह की राष्ट्रीय लोकदल को जा सकती हैं। संभव है कि बातचीत के बाद इसमें एक या दो सीट का इजाफा हो। ऐसा करना होगा तो सपा और बसपा दोनों अपने कोटे से एक-एक सीट छोड़ेंगे।

राजधानी के एक पांच सितारा होटल में हुई साझा प्रेस कांफ्रेंस में एलायंस की घोषणा करते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने कांग्रेस पर भी जम कर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को गठबंधन में शामिल करने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि कांग्रेस अपने वोट सहयोगियों को नहीं ट्रांसफर करा पाती है। उन्होंने 1996 के कांग्रेस-बसपा गठबंधन और 2017 के कांग्रेस-सपा गठबंधन की याद दिलाई और कहा कि दोनों पार्टियों को कांग्रेस के साथ गठबंधन का नुकसान हुआ। मायावती ने भाजपा और कांग्रेस को एक साथ निशाना बनाते हुए कहा कि दोनों हथियार सौदे की दलाली में शामिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बोफोर्स के कारण कांग्रेस हारी थी और राफेल के कारण भाजपा की सरकार जाएगी। मायावती ने साफ कर दिया कि उनकी पार्टी किसी भी राज्य में कांग्रेस से समझौता नहीं करेगी। 

साझा प्रेस कांफ्रेंस में मायावती और अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली को देशहित के खिलाफ करार देते हुए लोकसभा चुनाव साथ मिल कर लड़ने की घोषणा की। मायावती ने इस मौके पर कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने देश को अराजकता और आर्थिक बदहाली की ओर ढकेला है। भाजपा की नीति और कार्यप्रणाली गरीब, किसान, नौजवान, दलित और अल्पसंख्यकों सहित समाज के हर तबके के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सिर्फ उद्योगपतियों और पूंजीपतियों का भला किया है। जानकार सूत्रों के मुताबिक 15 जनवरी को मायावती के जन्मदिन के मौके पर सीटों के बारे में भी ऐलान हो सकता है।

बहरहाल, मायावती ने सपा की ओर से उनके ऊपर एक गेस्ट हाउस में हुए हमले को भी याद किया। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस कुशासन से देश की जनता को निजात दिलाने के लिए 25 साल पुराने लखनऊ के गेस्ट हाउस कांड को भुला कर सपा के साथ समझौते का फैसला लिया है।

प्रेस कांफ्रेंस में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सपा बसपा गठबंधन से बौखलाई भाजपा किसी भी हद तक जा सकती है। कार्यकर्ताओं को भाजपा की किसी भी साजिश से सावधान रहने की नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि जाति और धार्मिक भावनाएं भड़काने का कुचक्र रचा जा सकता है, जिससे सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश को जाति प्रदेश बना दिया है। जाति संप्रदाय की राजनीति करने वाली इस पार्टी ने अपने निजी स्वार्थ की खातिर भगवान को भी जाति में बांटने का प्रयास किया। उन्होने कहा कि सपा बसपा मिल कर भाजपा को केंद्र की सत्ता से बेदखल कर देंगी।

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