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मिजोरम की 80 फीसद आबादी को मिले खाद्य सुरक्षा: मुख्यमंत्री

नई दिल्ली। मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने शुक्रवार को मांग की कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के तहत लाभार्थियों के दायरे को प्रदेश की आबादी के 64.73 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत करे।  ज़ोरमथांगा ने इस मुद्दे को केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान के साथ हुई बैठक में उठाया। उन्होंने सभी राशन कार्ड धारकों को अधिक चीनी आवंटित करने, चम्फई, सियाहा और मामित जिलों में खाद्य भंडारण डिपो के निर्माण तथा सरकारी उपक्रम भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना की मांग भी की।

वर्तमान में, 2011 की जनगणना के आधार पर राज्य की 64.73 प्रतिशत जनसंख्या यानी 7,06,296 लाभार्थियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के तहत लाभ दिया जा रहा है। जोरामथांगा ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, "हमने मिजोरम की खाद्य आपूर्ति की स्थिति के बारे में बात की। हमने चावल की अधिक जरुरत के बारे में भी अनुरोध किया। मंत्री (पासवान) ने हमारी मांगों पर गौर करने को कहा है।" मिजोरम सरकार ने 51,000 क्विंटल चावल के अतिरिक्त मासिक आवंटन की मांग की है ताकि 80 प्रतिशत आबादी को इसका लाभ पहुंचाया जा सके।

वर्तमान में, राज्य को राशन की दुकानों के माध्यम से वितरण के लिए हर महीने लगभग 54,798 क्विंटल खाद्यान्न मिलता है। बैठक में ज़ोरमथांगा ने बताया कि अन्य पूर्वोत्तर राज्यों की तुलना में एनएफएसए के तहत मिज़ोरम में कवर किए गए लाभार्थियों की संख्या कम है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, एनएफएसए के तहत मणिपुर आबादी की 87.73 प्रतिशत आबादी को लाभ मिलता है। जबकि असम में इसके दायरे में 80.81 प्रतिशत, नागालैंड में 74.65 प्रतिशत और मेघालय में 72.38 प्रतिशत लोग आते हैं। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा, "यह निवेदन किया गया है कि एनएफएसए के तहत लाभार्थियों के प्रतिशत के दायरे को वर्तमान स्तर 64.73 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत किया जा सकता है।" इसके अलावा, मिजोरम के मुख्यमंत्री ने मांग की कि केंद्र, राज्य में सभी राशन कार्ड धारकों को वितरण करने के लिए मासिक आधार पर अतिरिक्त 1,500 क्विंटल चीनी दे।

मौजूदा समय में, केवल अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) श्रेणी के गरीब परिवारों के सबसे गरीब परिवारों को वितरण के लिए चीनी आवंटित की जाती है। इसके अलावा, उन्होंने राज्य में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना की मांग की, जिससे बेहतर कामकाज हो सके और 55.74 करोड़ रुपये की लंबित परिवहन सब्सिडी की शीघ्र प्रतिपूर्ति की जा सके। एनएफएसए के तहत, खाद्यान्न अत्यधिक रियायती दरों पर तीन रुपये किलो चावल, दो रुपये किलो गेहूं और एक रुपये किलो मोटे अनाज को बेचा जाता है।

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