भारत-द. कोरिया रक्षा उद्योग सहयोग बढ़ाने पर सहमत

सोल। भारत और दक्षिण कोरिया के बीच सैन्य संबंधों तथा रक्षा उद्योग सहयोग बढ़ाने पर शुक्रवार को सहमति बनी। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय चियोंग वा डाइ के मुताबिक भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन के बीच आज हुई बैठक में इस आशय की सहमति प्रदान की गयी। दोनों नेता सैन्य और रक्षा उत्पादन सहयोग को मजबूत करने और चौथी औद्योगिक क्रांति का बेहतर सामना करने पर भी सहमत हुए। बाद में श्री मोदी ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि दोनों देशों ने रक्षा तकनीक तथा सह उत्पादन पर रोडमैप तैयार करने में सहयोग करने पर भी सहमति प्रदान की है। उन्होंने दक्षिण कोरिया की कंपनियों से भारत के रक्षा उद्योग कॉरिडोर में निवेश करने की भी अपील की है। दोनों नेताओं ने वर्ष 2010 से प्रभावी मुक्त व्यापार समझौते यानी व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (सीपा) को बढ़ाने के लिए वार्ता को गति देने पर सहमति व्यक्त की है।

सीपा के तहत बाजार उदारीकरण पर जोर देने के लिए अबतक सात दौर की बातचीत हो चुकी है। दोनों ने वर्ष 2030 तक व्यापार को दोगुना करके इसे 50 अरब डॉलर तक के अपने साझा लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सहयोग करने का भी आश्वासन दिया। पिछले साल, दो-तरफा व्यापार के तहत 21.5 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जिससे भारत दक्षिण कोरिया का सातवां सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बन गया। श्री मून ने कहा,“हम बुनियादी ढांचे के विकास से लेकर कृषि और मत्स्य पालन तक कई क्षेत्रों में सहयोग के दायरे का विस्तार करने पर सहमत हुए हैं।” राष्ट्रपति कार्यालय की प्रवक्ता किम यूई-केयोम के अनुसार दोनाें नेताओं ने परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण में दक्षिण कोरियाई कंपनियों की भागीदारी की संभावना पर भी चर्चा की। भारत ने सात अतिरिक्त परमाणु रिएक्टर बनाने की अपनी योजना में सोल की भागीदारी के लिए आग्रह किया है। श्री किम ने श्री मून के हवाले से कहा, “दक्षिण कोरिया ने पिछले 40 वर्षों से अपनी स्वदेशी तकनीक से परमाणु रिएक्टरों का निर्माण किया है। इसकी तकनीक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है।” उन्होंने कहा, “अगर भारत परमाणु रिएक्टरों का निर्माण करता है, तो कोरियाई कंपनियां बड़ा योगदान देंगी। अगर भारत कोरियाई कंपनियों को बहुत अधिक तरजीह देता है तो हम इसकी सराहना करेंगे।” इसके अलावा श्री मून और श्री मोदी ने मानव, सांस्कृतिक और पर्यटन आदान-प्रदान के विस्तार पर भी सहमति व्यक्त की।

दक्षिण कोरियाई लोगों को तीन साल तक भारत में रहने की अनुमति दी जाएगी। वह भारतीय लोगों के लिए समूह टूर वीजा भी जारी करेगा। श्री मून ने श्री मोदी के लिए आयोजित दावत की मेजबानी की जिसमें स्थानीय व्यापार जगत के नेताओं ने भी भाग लिया। इनमें सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी के उपाध्यक्ष ली जोंग-योंग और हुंडई मोटर ग्रुप के कार्यकारी उपाध्यक्ष चुंग इयसुन भी शामिल थे।

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