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राज्यसभा में गतिरोध कायम

नई दिल्ली। राज्यसभा में कायम गतिरोध मंगलवार को लगातार सातवें दिन भी जारी रहा और समाजवादी पार्टी सहित विभिन्न दलों के सदस्यों के हंगामे की वजह से उच्च सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद अंतत: दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी। सपा सदस्य प्रयागराज में हो रहे एक कार्यक्रम के लिए वहां जा रहे अपने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को लखनऊ हवाईअड्डे पर कथित तौर पर रोके जाने की वजह से हंगामा कर रहे थे।

सुबह, उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर इस बात पर सहमति बनी कि संसद के वर्तमान सत्र के शेष बचे दो दिनों में राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा कर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया जाए एवं 2019-20 के लिए अंतरिम बजट पर चर्चा कर उसे मंजूरी देने के बाद लोकसभा को लौटा दिया जाए। इससे पहले, बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि कुछ सदस्यों ने अपने अपने विषय उठाने के लिए नियम 267 के तहत उन्हें नोटिस दिए हैं जिन्हें उन्होंने अस्वीकार कर दिया है। सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा कर धन्यवाद प्रस्ताव पारित करना एवं अंतरिम बजट पर चर्चा कर उसे मंजूरी देने के बाद लोकसभा को लौटाया जाना सत्ता पक्ष और विपक्ष की संवैधानिक जिम्मेदारी है जिसे पूरा किया जाना चाहिए।

आजाद ने सुझाव दिया कि आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा कर धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया जाए। कल 2019-20 के लिए अंतरिम बजट पर चर्चा कर उसे मंजूरी दी जा सकती है। संसदीय कार्य राज्य मंत्री विजय गोयल ने कहा कि सरकार इस सुझाव से सहमत है। उन्होंने कहा कि छह विधेयक भी पारित करने के लिए सूचीबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि इन विधेयकों को पारित करने के लिए, अगर सदस्यों की सहमति हो तो बैठक को एक-दो दिन के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। बहरहाल, गोयल के इस सुझाव पर सदस्यों ने नकारात्मक जवाब दिया। इसके बाद सभापति एम वेंकैया नायडू की अनुमति से सदस्यों ने शून्यकाल के तहत अपने अपने मुद्दे उठाने शुरू किये। सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से चल रही थी। मनेानीत सदस्य राकेश सिन्हा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त कुछ शिक्षकों को पेन्शन नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। सदन में अभी तक कामकाज सामान्य ढंग से चल रहा था। किंतु 11 बजकर करीब 40 मिनट पर सपा नेता रामगोपाल यादव ने अचानक कोई मुद्दा उठाने का प्रयास किया। सभापति ने यादव को अनुमति न देते हुए कांग्रेस के हुसैन दलवई से शून्यकाल के तहत अपना मुद्दा उठाने को कहा। इस पर सपा सदस्यों ने नाराजगी जाहिर की। नायडू ने कहा कि नोटिस दिए बिना सदस्य कोई मुद्दा नहीं उठा सकते। सभापति ने कहा ‘‘आप सभी अनुभवी हैं और जानते हैं कि इस तरह नोटिस के बिना कोई मुद्दा नहीं उठाया जा सकता।’’ सपा सदस्यों ने कहा कि उन्हें अभी अभी पता चला है कि उनकी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को लखनऊ हवाईअड्डे पर रोक दिया गया है।

अखिलेश इलाहाबाद विश्वविद्यालय में होने जा रहे शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने जा रहे थे। सपा सदस्यों ने मांग की कि सदन में उनके नेता को बोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। सभापति ने उनकी मांग अस्वीकार करते हुए कहा कि क्या आप इसी तरह सदन को चलाना चाहते हैं ? ‘‘माहौल खराब मत कीजिये। हम बहुत कीमती समय बर्बाद कर चुके हैं’’ अब तक सपा सदस्य हंगामा करते हुए अपने स्थानों से आगे आ गए। सदन में व्यवस्था बनते नहीं देख नायडू ने 11 बज कर करीब 45 मिनट पर बैठक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे उच्च सदन की कार्यवाही फिर शुरू होने पर सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस और राजद के सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष आ गए। हंगामे के बीच ही आसन की अनुमति से वित्त राज्यमंत्री शिवप्रताप शुक्ल ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवाएं केन्द्र प्राधिकरण विधेयक 2019 विधेयक पेश किया। वहीं सूचना प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने चलचित्र (संशोधन) विधेयक पेश किया। हंगामे के बीच ही सपा के रामगोपाल यादव ने फिर अपना मुद्दा उठाने का प्रयास किया। किंतु उपसभापति हरिवंश ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी। संसदीय कार्य राज्य मंत्री गोयल ने कहा कि यादव जो मुद्दा उठाना चाहते हैं, उसे राज्यसभा में नहीं उठाया जा सकता क्योंकि वह राज्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि आज कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में सहमति बनी थी कि राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की जानी चाहिए।

उपसभापति हरिवंश ने सदस्यों से राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू करने को कहा। उन्होंने कहा कि सदस्य जिस भी मुद्दे पर बोलना चाहते हैं, उसे राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में उठा सकते हैं। उनकी इस अपील का आसन के समक्ष आकर नारेबाजी कर रहे सदस्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। सदन में हंगामा थमते न देख उन्होंने करीब पांच मिनट में ही बैठक को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया। दो बार के स्थगन के बाद बैठक फिर शुरू होने पर सदन में वही नजारा देखने को मिला। सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस और राजद के सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष आ गए।

उपसभापति हरिवंश ने नारेबाजी कर रहे सदस्यों से अपने स्थान पर लौटने तथा राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करने को कहा। उन्होंने कहा कि सदन का काफी समय हंगामे के कारण अभी तक खराब हो चुका है। हरिवंश ने कहा कि राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव तथा बजट पर चर्चा करना सदन का संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि सदस्यों को संवैधानिक दायित्वों को समझना चाहिए और उन्हें पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में भी धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का निर्णय किया गया था। सदस्यों को उसे पूरा करना चाहिए। नारेबाजी कर रहे सदस्यों पर उपसभापति की अपील का कोई प्रभाव नहीं पड़ा। हंगामे की वजह से हरिवंश ने बैठक को दोपहर दो बजकर करीब 40 मिनट पर पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया।

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