हवाई अड्डों के विकास की 629 करोड़ की परियोजनाएं शुरू

नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने आज सात राज्यों में हवाई अड्डों के बुनियादी ढाँचों के विकास से जुड़ी 629.15 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। श्री प्रभु ने यहाँ से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये शुक्रवार को केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, असम, राजस्थान, पंजाब और मणिपुर में इन परियोजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि सरकार विमानन क्षेत्र के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दे रही है।

नये भारत के सपने को साकार करने की दिशा में आज का कार्यक्रम महत्त्वपूर्ण है। बुनियादी ढाँचों के साथ ही सरकार लोगों के लिए हवाई यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दे रही है। वह विमानन के लिए विजन 2040 के साथ काम कर रही है। डिजियात्रा, ड्रोन नीति और ‘उड़ान योजना इसी का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सरकार कुशल मानव बल की जरूरत से भी परिचित है। यह क्षेत्र बहुत बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार दे सकता है।

देश ही नहीं विदेशों में भी विमानन के लिए कुशल मानव बल तैयार करने के लिए वह कौशल प्रशिक्षण पर ध्यान दे रही है। विमानन मंत्री ने असम में रूपसी हवाई अड्डे का भी शिलान्यास किया। यह हवाई अड्डा 3,250 वर्ग मीटर में फैला होगा और व्यस्ततम समय में 300 यात्रियों की आवाजाही संभव होगी। परियोजना की अनुमानित लागत 69 करोड़ रुपये है। इसमें टावर-सह-तकनीकी ब्लॉक, फायर स्टेशन, एमटी वर्कशॉप का निर्माण होना है।

वहाँ मौजूदा रनवे, टैक्सी-वे और एप्रन क्षेत्र को भी मजबूती प्रदान की जायेगी। इस हवाई अड्डे से एटीआर-72 विमानों का परिचालन हो सकेगा। श्री प्रभु ने केरल के त्रिवेंद्रम हवाई अड्डे पर 27 करोड़ रुपये की लागत से एप्रन क्षेत्र के विस्तार और दो नये पार्किंग-बे के निर्माण परियोजना का उन्होंने शिलान्यास किया। इसी हवाई अड्डे पर 2.23 करोड़ रुपये की लगात से लगाये गये यात्री बोर्डिंग ब्रिज का उद्घाटन भी किया गया। 

केरल के कालीकट हवाई अड्डे पर 121 करोड़ रुपये की लागत से बने नये अंतर्राष्ट्रीय आगमन ब्लॉक का उद्घाटन किया गया जो 17,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है। कर्नाटक के मेंगलुरु हवाई अड्डे पर 133 करोड़ रुपये की लगात से विस्तारित टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया गया। परियोजना के तहत टर्मिनल भवन का क्षेत्रफल 34,587 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 45,930 वर्ग मीटर किया गया है।

तमिलनाडु के मदुरई हवाई अड्डे पर 26 करोड़ रुपये, राजस्थान के जयपुर हवाई अड्डे पर 110 करोड़ रुपये और पंजाब के अमृतसर हवाई अड्डे पर 96 करोड़ रुपये की लागत से एप्रन क्षेत्र के विस्तार और पार्किंग-बे की संख्या बढ़ाने का काम किया जाना है। मंत्री ने तीनों का शिलान्यास किया। मणिपुर के इम्फाल हवाई अड्डे पर विमानों की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए अतिरिक्त हैंगर निर्माण के लिए 36 करोड़ रुपये की लगात वाली एक परियोजना का उन्होंने शिलान्यास किया। इसमें हैंगर के साथ एप्रन और टैक्सी-वे का निर्माण भी किया जायेगा।

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