Saturday

05-04-2025 Vol 19

religion and politics

न शर्म न हया: संविधान की रोज हत्या.?

इस तरह कुल मिलाकर आज की राजनीति से ‘जनसेवा’ का पूरी तरह लोप हो चुका है और वह पूरी तरह ‘स्व-सेवा’ बनकर रह गई है