Sunday

06-04-2025 Vol 19

Gulag Archipelago

कैद में सोल्झेनित्सिन का आत्मसुधार

सोल्झेनित्सिन ने लिखा है कि ''आदमी पर घमंड उसी तरह सहज चढ़ता है जैसे सुअर पर चर्बी चढ़ती है।'' यानी अनायास। ...

करोड़ों लोगों की पीड़ा, यंत्रणा की बीती का दस्तावेज

नाजी दस्ते केवल यहूदियों का खात्मा करते थे, और अपने संदिग्ध विरोधियों को।

रूस तब नयी-नयी यंत्रणाओं की प्रयोगशाला था

सोवियत व्यवस्था में विविध शहरों को कोटा देकर भी गिरफ्तारियाँ और दंड दिए जाते थे। फलाँ शहर या जिले में इतनी संख्या में 'जनता के दुश्मनों' को पकड़ना है।

‘गुलाग आर्किपेलाग’ से दुनिया सिहर गई थी

स्तालिन द्वारा देहातों पर इस उत्पीड़न में कुल मिलाकर एक करोड़ से अधिक जानें गईं!